दक्षिण सूडान ने स्वतंत्रता को चुना

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Image caption जनमत संग्रह में दक्षिण सुडान के लोगों ने स्वतंत्रता को चुना है.

दक्षिणी सूडान में उत्तर से अलग होने के लिए हुए जनमत संग्रह में प्रचंड बहुमत से स्वतंत्र होने का निर्णय लिया है.

चुनाव अधिकारियों ने कहा है कि 99 प्रतिशत मतदाताओं ने जनवरी में हुए जनमत संग्रह में अफ़्रीका के सबसे बड़े देश सूडान के विभाजित करने का फ़ैसला किया है.

कैसा होगा विभाजित सूडान

सूडान के विभाजन के लिए जनमत संग्रह करवाने का फ़ैसला उत्तर और दक्षिण सूडान के बीच बीस साल से चल रहे गृह युद्ध को रोकने के लिए वर्ष 2005 में हुए शांति समझौते में किया गया था.

हांलाकि मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ था लेकिन दक्षिण और उत्तर की सीमा पर स्थित तेल भंडार वाले क्षेत्र में तनाव अब भी बरक़रार है.

बीते सप्ताह इस क्षेत्र में हुई हिंसा में कम से कम 50 लोगों की मौत हुई थी.

ये हिंसा उत्तर और दक्षिण सूडान में भारी तोपख़ाने के बंटवारे को लेकर हुई थी.

दक्षिण में ख़ुशी

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Image caption सुडान के राष्ट्रपति उमर अल-बशीर ने जनमत संग्रह के नतीजों का स्वागत किया है.

चुनाव अधिकारियों के अनुसार दक्षिण सूडान के 98.83% मतदाताओं ने स्वतंत्रता का समर्थन किया है.

जनमत संग्रह के नतीजों की घोषणा से पहले सूडान के राष्ट्रपति उमर अल-बशीर ने एक बार फिर कहा था कि नतीजा जो भी हो वे उसे स्वीकार करेंगे.

सूडान के सरकारी टीवी चैनल पर अल-बशीर ने कहा, "हम नतीजों को स्वीकार करते हैं और इनका स्वागत करते हैं क्योंकि ये नतीजे दक्षिण सूडान के लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व करते हैं."

राष्ट्रपति ने कहा वे भविष्य में बनने वाले देश दक्षिण सूडान के साथ अच्छे रिश्तों के लिए प्रतिबद्ध हैं.

अमरीका ने कहा था कि अगर सूडान जनमत संग्रह ठीक से करवाता है तो वे उसे उस सूची से हटा देगा जिसमें अमरीका आतंकवाद को प्रोत्साहन देने वाले देशों को रखता है. दक्षिण सूडान का राजधानी जुबा से बीबीसी के पीटर मार्टेल बताते हैं कि कुछ लोगों जनमत संग्रह के नतीजे आने से पहले ही जश्न मनाने के लिए जमा हो चुके थे.

जुबा में एक गृहिणी एबियोंग न्योक ने बीबीसी को बताया, "अब मैं अपने देश की प्रथम श्रेणी की नागरिक हूं."

पिछले पचास साल में दक्षिण सूडान के लोगों ने उत्तर के साथ दो गृह युद्ध लड़े हैं जिनमें एक अनुमान के अनुसार क़रीब बीस लाख लोग मारे गए हैं.

दक्षिण सूडान की स्वतंत्रता की औपचारिक घोषणा नौ जुलाई 2011 को की जाएगी.

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