'इराक़ में और सैनिक भेजने चाहिए थे'

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Image caption जॉर्ज बुश के कार्यकाल के दौरान ज़्यादातर समय रम्सफ़ेल्ड ही रक्षा मंत्री थे

अमरीका के पूर्व रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने एक टीवी इंटरव्यू में इराक़ युद्ध से जुड़े ज़्यादातर फ़ैसलों का बचाव किया है पर साथ ही माना है कि इराक़ हमले के दौरान अमरीका को और सैनिकबल लगाना चाहिए था.

उन्होंने स्वीकार किया कि अमरीका पर अल क़ायदा के हमले के दो हफ़्ते के अंदर ही पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का सारा ध्यान इराक़ पर केंद्रित हो चुका था.

2006 में अपने पद से इस्तीफ़ा देने के बाद से ही डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने चुप्पी साध कर रखी थी और सत्ता से बाहर जाने के बाद अब उन्होंने पहला टीवी साक्षात्कार दिया है.

हाल ही में उनकी आत्मकथा नोन एंड अननोन प्रकाशित हुई है.

किताब लॉन्च करने के मौके पर दिए टीवी इंटरव्यू में रम्सफ़ेल्ड ने एबीसी चैनल की एंकर से इराक़ के उन विनाशकारी हथियारों पर ज़ोरदार बहस की जो अब तक नहीं मिले हैं.

जॉर्ज बुश के कार्यकाल के दौरान ज़्यादातर समय रम्सफ़ेल्ड ही रक्षा मंत्री थे.समीक्षकों का कहना है कि किताब में रम्सफ़ेल्ड ने ऐसा कुछ ख़ास नहीं बताया है जो इराक़ के बारे में पहले न पता हो.

हालांकि उन्होंने अपने पूर्व सहयोगियों कॉनिल पावेल और कॉंडोलिज़ा राइस की आलोचना की है.

साथ ही रम्सफ़ेल्ड ने ये भी लिखा है कि उन्हें इस बात का अफ़सोस है कि जब 2004 में अबू ग़रेब बंदीगृह में इराक़ी कै़दियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था तो उन्होंने इस्तीफ़ा क्यों नहीं दिया.

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