अमरीका-पाकिस्तान संबंधों में तनाव: हक़्क़ानी

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Image caption पाकिस्तान ने पहली बार खुलकर वाशिंगटन में रेमंड डेविस मामले पर टिपण्णी की है.

वाशिंगटन में पाकिस्तान के राजदूत हुसैन हक़्क़ानी का कहना है कि लाहौर में हत्या के इलज़ाम में गिरफ़्तार किए गए अमरीकी नागरिक रेमंड डेविस के मामले को लेकर पाकिस्तान और अमरीका के बीच तनाव महसूस किया जा रहा है. लेकिन उन्होंने इस तनाव के लिए अमरीका को ज़िम्मेदार ठहराया.

अमरीकी वाणिज्य दूतावास में काम करने वाले रेमंड डेविस को लाहौर पुलिस ने 27 जनवरी को दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

हुसैन हक़्क़ानी ने एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि पाकिस्तान ने अमरीकी प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दे दी है और उसे पाकिस्तानी जनता की भावना से भी अवगत करा दिया है.

उन्होंने इस बात की तरफ़ भी इशारा किया कि पाकिस्तान अमरीका के दबाव में रेमंड डेविस को रिहा नहीं करेगा.

उनका कहना था, "जब दोस्ती होती है तो बहुत सी समस्याएं भी पैदा होती हैं. कभी हमारी बात नहीं मानी जाती है कभी अमरीकियों की बात नहीं मानी जाएगी. ऐसा नहीं होगा कि एक तरफ़ा गाड़ी चल रही हो."

अमरीकी मदद पर रोक

पाकिस्तान जेल में बंद रेमंड डेविस के ख़िलाफ़ अदालत में मुक़दमा चलाने की तैयारी कर रहा है. लेकिन अमरीकी सरकार की तरफ़ से रिहाई की मांग को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है.

अमरीका के अनुसार डेविस दूतावास में काम करते हैं और विएना कन्वेंशन के अंतर्गत उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता है.

अमरीका में संसद के कुछ सदस्य पाकिस्तान पर दबाव बनाने की मांग कर रहे हैं. उनका सुझाव है कि अगर रेमंड डेविस को फ़ौरन रिहा नहीं किया जाता है तो अमरीका पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता पर रोक लगाने की तैयारी करे.

बुधवार को प्रेसवार्ता के बीच जब मीडिया ने हुसैन हक़्क़ानी से पूछा कि क्या इस तनाव से दोनों देशों के बीच भविष्य में होने वाली बातचीत पर भी असर पड़ेगा तो उन्होंने केवल इतना कहा, "जैसे-जैसे स्थिति बदलेंगी हम आपके बताते रहेंगे."

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