ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय में फ़ीस बढ़ी

ऑक्सफ़र्ड विश्वविधालय
Image caption ग़रीब छात्र फ़ीस बढ़ोत्तरी को पसंद नहीं करेंगे

ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय में प्रति वर्ष अधिकतम नौ हज़ार पाउंड तक फ़ीस बढ़ाने का रास्ता साफ़ हो गया है.

विश्वविद्यालय में शिक्षकों और छात्रों की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि वर्ष 2012 से फ़ीस में कितनी बढ़ोत्तरी की जाए.

उप कुलपति टोनी मोनाको का कहना था कि कटौतियों का सामना करने के लिए यह ज़रूरी है कि फ़ीस को कम से कम आठ हज़ार पाउंड तक बढ़ाया जाए लेकिन छात्रों की दलील थी कि ग़रीब छात्र इसे पसंद नहीं करेंगे.

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की कार्यसमिति ने पहले ही हर कोर्स के लिए नौ हज़ार पाउंड तक फ़ीस बढ़ाने की सिफ़ारिश कर दी है. इस क़दम से दूसरे विश्वविद्यालयों में भी अधिकतम फ़ीस बढाए जाने का रास्ता साफ़ हो गया है.

ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक शेलडोनियन थियेटर में संचालन समिति के क़रीब 100 सदस्य जब इस बात पर विचार-विमर्श कर रहे थे, बाहर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारी चिल्ला-चिल्ला कर फ़ीस बढ़ाए जाने का विरोध कर रहे थे.

आमदनी में कमी

विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों का तर्क है कि बड़ी कटौतियों को देखते हुए विश्वविद्यालय के पास फ़ीस बढ़ाए जाने के अलावा और कोई चारा नहीं था.

बर्सर रॉजर बोडेन का तो यह भी मानना था कि इस बढ़ोत्तरी से भी विश्वविधालय की आमदनी में होने वाली कमी को पूरा नही किया जा सकेगा.

लेकिन शिक्षकों और छात्रों की तरफ़ से फ़ीस न बढ़ाए जाने के बारे में कई दलीलें पेश की गईं. छात्रों की प्रतिनिधि हना कसवर्थ ने आगाह किया कि कर्ज़दार होने के डर से बहुत से प्रतिभावान छात्र विश्वविद्यालय का रुख़ भी नहीं करेंगे.

सेंट एनीज़ कॉलेज के पैट्रिक मेकगिनेस ने कटौती के लिए भौतिकवादी मूल्यों की आलोचना की.

कुछ लोगों ने फ़ीस बढ़ाए जाने का समर्थन भी किया लेकिन इसका बैठक के बाहर जमा हुए लोगों पर कोई असर नहीं पड़ा. उन्होंने बजट में कटौती और फ़ीस बढ़ाए जाने के ख़िलाफ़ हड़ताल का आह्वान किया और बैठक से बाहर आने वाले लोगों को फूल पेश किए.

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