बर्गर पर भारी चिकन टिक्का मसाला

Image caption स्टेडियम में अब भी मुर्गी और मछली का माँस परोसा जाएगा

इंग्लैंड के फ़ॉरेस्ट ग्रीन रोवर फुटबॉल क्लब में बर्गर और सॉसेज़ की बिक्री पर रोक लगा दी है.

कुछ हफ्ते पहले ही इस ब्लू स्क्वेयर बैट प्रीमियर क्लब में खिलाड़ियों पर भी इस तरह की रोक लगाई गई थी जिसे अब पूरे स्टेडियम में लागू किया गया है.

हालांकि स्टेडियम में अब भी मुर्गी और मछली का माँस परोसा जाएगा.

इस क्लब के संचार निर्देशक टॉम विलियम्स ने कहा, "टीम मैनेजर के साथ चर्चा करने और पोषण सबंधी सलाह के ग़ैर करने के बाद हमने फ़ैसला किया है कि हम अपनी टीम को अब रेड मीट नहीं खिलाएंगे, क्योंकि इससे खिलाडियों के प्रदर्शन और स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है."

टॉम विलियम्स ने माना कि ये क़दम परंपरा से अलग है लेकिन उन्होने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ये क़दम आगे की ओर उठाया गया क़दम होगा ना कि पीछे की ओर उठाया गया क़दम.

दुख

टॉम विलियम्स ने कहा, "हम एक ऐसे देश में रहते है जहाँ मानो चिकन टिक्का मसाला सबसे ज़्यादा प्रसिद्ध राष्ट्रीय भोजन है. मुझे नहीं लगता कि पुराने सॉसेज़ के ना होने का कोई ज़्यादा दुख होगा."

टॉम विलियम्स ने ये भी स्वीकार किया कि कुछ लोग बर्गर और सॉसेज़ की कमी को महसूस करेंगे.

टॉम विलियम्स कहते हैं, "हमें पता है कि कुछ लोग अपने बर्गर और सॉसेज़ की कमी को महसूस करेंगे, लेकिन हमारे रसोइए इनकी कमी पूरी करने के लिए कुछ लज़ीज और दिलचस्प उत्पाद बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहें है."

वहीं इस क्लब के मालिक डॉले विन्स ने इस फ़ैसले के समर्थन में कहा, "अगर रेड मीट हमारे खिलाड़ियों के लिए अच्छा नहीं है तो ये हमारे कर्मचारियों, प्रसंशकों और मेहमानों के लिए भी अच्छा नहीं हैं."

क्लब के इस फ़ैसले का शाकाहारियों कि संस्था वेजिटेरियन सोसाइटी ने भी स्वागत किया है. वेजिटेरियन सोसाइटी के प्रवक्ता ने कहा कि जिस भोजन में माँस पर कम निर्भरता है और पौधों से मिलने वाले भोजन की बहुतायत है और ऐसा कोई भी क़दम जो ब्रिटिश जनता की माँस पर निर्भरता को कम करता है, एक सकारात्मक क़दम है.