तेल कंपनी शेवरॉन पर बड़ा जुर्माना

अमेज़न
Image caption अमेज़न के जंगलों को तेल कंपनियों के कार्य से नुकसान पहुंचने की रिपोर्टें पहले भी आती रही हैं.

दक्षिण अमरीकी देश इक्वाडोर की एक अदालत ने अमरीकी तेल कंपनी शेवरॉन पर अमेज़न क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने के लिए आठ अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है.

अभियोजन पक्ष के एक वकील पाब्लो फ़र्जार्डो ने तेल कंपनी टेक्सको पर आरोप लगाया कि वो उत्तरी इक्वाडोर के जंगलों को 1972 से ही दूषित कर रही है. तेल कंपनी टेक्साको का 2001 में शेवरॉन के साथ विलय हुआ है.

टेक्साको पर आरोप है कि उसने हज़ारों गैलन ज़हरीला पदार्थ अमेज़न नदी में डाला है.

पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस प्रदूषण के कारण फसल बर्बाद हुई और बड़ी संख्या में जानवरों की मौत हुई है. इसके साथ ही इलाक़े में कैंसर पीड़ितों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.

शेवरॉन के कोर्ट के फ़ैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि वो इसके ख़िलाफ़ अपील करेगी. शेवरॉन ने इस फ़ैसले को ‘अवैध और लागू न हो सकने लायक’ बताया है.

कंपनी इस मामले में लगातार कहती रही है कि कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ अभियोजन पक्ष से प्रभावित होते रहे हैं.

यह मामला इक्वेडोर के तीस हज़ार नागरिकों की तरफ़ से दायर किया गया था जिस पर क़रीब दो दशक के बाद फ़ैसला आया है.

अभियोजन पक्ष का कहना है कि कंपनी की गतिविधियों के कारण वर्षावन का एक बड़ा हिस्सा तबाह हुआ है और लोगों में कैंसर की संभावना बढ़ी है.

इक्वेडोर में मामले की सुनवाई 2003 में शुरु हुई थी जबकि इससे पहले लंबे समय तक यह मामला अमरीका की एक अदालत में चला.

अमरीकी अदालत ने कहा था कि मामले की सुनवाई इक्वेडोर में होनी चाहिए.

पर्यावरणविदों का कहना है कि ये फ़ैसला दर्ज़नों दूसरे अंतर्राष्ट्रीय विवादों के लिए एक नज़ीर है. ख़ास तौर पर उन कंपनियों के लिए जो विकासशील देशों में काम कर रही हैं और प्रदूषण के मानकों का पालन नहीं करती हैं.

इक्वेडोर इंडियन ग्रुप का कहना है कि टेक्साको ने 1972 से 1992 के बीच 68 अरब लीटर जहरीला पदार्थ अमेज़न नदी में बहाया है.

कंपनी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वाले आरोप लगाते हैं कि कंपनी के कारण उनका जीवन बर्बाद हो गया क्योंकि फ़सलें ख़राब हुईं और जानवरों की मौत हुई.

अभियोजन पक्ष के पाब्लो फ़र्जार्डो का कहना है कि कोर्ट का यह फ़ैसला न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है. फ़जार्डो का कहना था कि कंपनी पर लगाया गया जुर्माना बहुत कम है और जुर्माना बढ़ाने की अपील करेंगे.

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