काहिरा में फिर प्रदर्शन शुरु

  • 14 फरवरी 2011
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मिस्र में सेना द्वारा सत्ता की कमान संभालते हुए संसद भंग किए जाने और तहरीर चौक खाली कराए जाने के बाद वेतन और बेहतर स्थितियों की मांग करते हुए फिर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

मिस्र में सेना के नए शासकों के सामने अपनी मांगे रखते हुए राजधानी काहिरा में लोगों ने फिर प्रदर्शन और हड़तालों की राह पकड़ी है.

काहिरा में मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक कर्मचारियों की इस हड़ताल और फिर शुरु हुए प्रदर्शनों के चलते मिस्र में अफ़रा-तफ़री का माहौल है.

मिस्र की राजधानी काहिरा में बैंक, यातायात और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों ने प्रदर्शन किए. इन कर्मचारियों का समर्थन करते हुए पुलिस ने भी प्रदर्शनों में भाग लिया.

इससे पहले सेना ने तहरीर चौक में जमा प्रदर्शनकारियों के आखिरी खेमे को भी तहरीर चौक से बाहर कर चौक को खाली कर दिया था.

इन प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सेना की ओर से सत्ता हस्तांतरण की समयसीमा तय किए जाने और जल्द से जल्द एक मसौदा पेश किए जाने तक वो तहरीक चौक में डटे रहेंगे.

हालांकि सेना ने बल का इस्तेमाल करते हुए इन प्रदर्शकारियों को तहरीर चौक से हटा दिया. सेना की ओर से पहले भी कहा गया था कि प्रदर्शनकारी या तो चौक को खाली कर दें या गिरफ़्तारी झेलें.

कामकाज ठप

भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के कारण भी सोमवार को मिस्र में बैंक बंद रहे. प्रदर्शनकारियों ने सरकारी दफ्तरों और बैंकों के बाहर प्रदर्शन किए. मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण बैंक फिर बंद रहेंगे.

सैन्य परिषद ने कहा है कि वो छह महीनों अथवा जब तक नए चुनाव नहीं हो जाते सत्ता में रहेगी. होस्नी मुबारक के राष्ट्रपति पद से त्यागपत्र देने के बाद सैन्य परिषद सत्ता में आई है.

इस घोषणा का बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने स्वागत किया है.

ग़ौरतलब है कि प्रदर्शनकारियों के कारण ही राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को सत्ता छोड़नी पड़ी थी.

अंतरराष्ट्रीय चिंताएं

मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति होस्नी मुबारक की संपत्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बढ़ गई हैं और ब्रिटेन ने कहा है कि सभी देशों को मिलकर मुबारक की अवैध संपत्ति का पता लगाना चाहिए.

स्विट्ज़रलैंड ने शुक्रवार को ही घोषणा की थी कि वो अपने यहां उन सभी खातों पर रोक लगा देगा जो संभवत मुबारक के हो सकते हैं.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये चिंता व्यक्त की जा रही है कि मुबारक की संपत्ति अवैध रूप से जमा की गई है.

ब्रिटिश सरकार के व्यापार मंत्री विंस केबल का कहना था कि ये देखना ज़रुरी है कि मुबारक ने ये संपत्ति अवैध रुप से तो नहीं जमा की है और इसके लिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा.

मुबारक का संबंध ब्रिटेन से भी रहा है. लंदन में उनके बेटे गमाल एक निवेश कंपनी चलाया करते थे.

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