तीन भारतीय राज्यों को करोड़ों की ब्रितानी मदद

एंड्र्यू मिचेल
Image caption एंड्र्यू मिचेल की घोषणा के मुताबिक़ ब्रिटेन भारत को अगले चार सालों में दो अरब डालर की आर्थिक सहायता देगा

ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री एंड्र्यू मिचेल ने घोषणा की है कि भारत को दी जानेवाली ब्रितानी आर्थिक सहायता जारी रहेगी.

ब्रितानी आर्थिक सहायता बजट की घोषणा करते हुए एंड्र्यू मिचेल ने कहा कि भारत के तीन राज्यों - मध्य प्रदेश, बिहार और उड़ीसा को ब्रिटेन से सालाना 45 करोड़ डालर प्राप्त होंगे.

पिछले साल ब्रितानी मंत्री ने कहा था कि ब्रिटेन उन देशों को आर्थिक मदद बंद करने पर विचार कर रहा है जहाँ पर घरेलु अमीर वर्ग मौजूद है, और जो अपने देश के ग़रीबों की मदद करने में पूरी तरह सक्षम है.

ब्रिटेन ने कंबोडिया, मोलडोवा, रूस और चीन जैसे देशों को सहायता देना बंद कर दिया है.

बुधवार को बीबीसी ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पूछा कि क्या भारत को ब्रिटेन से आर्थिक मदद की ज़रूरत है तो उन्होंने कहा, "भारत अब भी ग़रीब देश है और अगर कोई मित्र देश भारत में निवेश करता है तो हम उसका स्वागत करते हैं."

विशेष मामला

ब्रितानी मंत्री ने भी कहा है कि भारत का मामला दूसरों से अलग है.

उनका कहना था, "भारत के विकास में एक तरह का विरोधाभास है क्योंकि एक ओर तो उसका अंतरिक्ष कार्यकक्रम है, उसका परमाणु कार्यक्रम भी है लेकिन दूसरी ओर उसकी जनसंख्या का एक हिस्सा अफ्रीका के सबसे ग़रीब देशों के दरिद्रों से भी दयनीय स्थिति में है."

लेकिन एंड्र्यू मिचेल ने ये भी कहा कि भारत ग़रीबी उनमूलन के लिए महज़ विदेशी मदद पर निर्भर न रहकर ख़ुद भी बहुत से क़दम उठा रहा है.

उनका कहना था, "भारत ग़रीबी मिटाने के लिए इस समय दूनिया का सबसे बड़ा सफ़ल सामाजिक कार्यक्रम अपने कर दाताओं के पैसे से चला रहा है. इसीलिए भारत को दी जानेवाली सहायता जारी रहेगी मगर उसमें वक्त़ के साथ बदलाव होते रहेंगे. फ़िलहाल हम भारत के तीन सबसे ग़रीब राज्यों उड़ीसा, मध्य प्रदेश और बिहार में ही ध्यान केंद्रित करेंगे."

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