लीबिया में हिंसक प्रदर्शन की ख़बरें

  • 16 फरवरी 2011
Image caption लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी

मिस्र और ट्यूनिशिया के बाद लीबिया के शहर बेनग़ाज़ी में भी हिंसक प्रदर्शन हुए हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बीबीसी को बताया है कि सरकार के आलोचक एक वकील की गिरफ़्तारी के बाद प्रदर्शनों की शुरुआत हुई.

हाँलाकि बताया जा रहा है कि वकील को बाद में रिहा कर दिया गया लेकिन प्रदर्शन जारी रहे.

पिछले दिनों अरब जगत में लोकतंत्र के समर्थन में प्रदर्शनों का ताँता लगा रहा है और टयूनीशिया और मिस्र के नेताओं को सत्ता छोड़नी पड़ी.

पुलिस पर पथराव

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक समय बेनग़ाज़ी में क़रीब 2000 लोग जमा हो गए थे.

उनका कहना है कि पुलिस पर पत्थर फेंके गए और पुलिस ने उसका जवाब पानी की बौछार, आँसू गैस और रबर की गोलियाँ चला कर दिया.

बाद में सरकारी नियंत्रण वाले टेलिविजन ने कुछ सौ लोगों की तस्वीरें दिखाईं जो बेनग़ाज़ी में सरकार का समर्थन कर रहे थे.

सरकार ने अभी तक इन घटनाओं पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

उधर बहरीन की राजधानी मनामा के बीचोंबीच अभी भी हज़ारों प्रदर्शनकारी जमा हैं.

वह राजनीतिक सुधारों और प्रधानमंत्री शेख़ खलीफ़ा बिन सलमान अल ख़लीफ़ा के इस्तीफ़े की माँग कर रहे हैं.

ख़लीफ़ा 1971 में देश की आज़ादी के बाद से ही देश पर शासन कर रहे हैं.

अब तक इन प्रदर्शनों में दो लोग मारे जा चुके हैं.

संबंधित समाचार