मिस्र में तीन पूर्व मंत्री गिरफ़्तार

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Image caption सैनिक प्रशासन ने पूर्व गृहमंत्री समेत चार अहम लोगों को गिरफ़्तार किया.

मिस्र के नए प्रशासन ने तीन पूर्व मंत्रियों को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ़्तार किया है. इनमें पूर्व गृहमंत्री हबीब अल-अदली भी शामिल हैं. उन पर पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हिंसा के आरोप भी लगे थे.

हबीब अल-अलदी के अलावा पूर्व आवास मंत्री अहमद मग़राबी और पर्यटन मंत्री ज़ुहैर गराना और इस्पात के बड़े उद्योगपति अहमद एज़ को भी गिरफ़्तार किया गया है.

अधिकारियों का कहना है कि इन्हें जाँच के लिए 15 दिनों तक हिरासत में रखा जाएगा और इस बीच उनकी विदेश जाने पर भी रोक लगा दी गई है.

इन चारों लोगों ने कहा है कि उन्होंने कोई ग़लत काम नहीं किया.

संवाददाताओं का कहना है कि इन चार प्रमुख व्यक्तियों की गिरफ़्तारी से सेना के नेतृत्व में अंतरिम सत्ता संभाल रहे प्रशासन की कोशिश देश में अस्थिरता के माहौल को शांत करना है.

पूर्व व्यापार और उद्योग मंत्री राशिद मोहम्मद राशिद के साथ मग़राबी, गराना और एज़ के ख़िलाफ़ पिछले हफ़्ते मामला दर्ज किया गया था. राशिद ने भी अपने आपको निर्दोष बताया है.

गिरफ़्तार किए गए लोगों पर काले धन को सफ़ेद करने, अधिकारों के दुरुपयोग और सरकारी ख़ज़ाने के दुरुपयोग के आरोप हैं.

हबीब अल-अदली

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Image caption प्रशासन ने गृहमंत्री और उनके परिजनों के बैंक खाते सील कर दिए हैं.

जब मिस्र में होस्नी मुबारक़ के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे थे तो हबीब अल-अदली के नियंत्रण में पुलिस थी. उन पर आरोप है कि उन्होंने काहिरा और दूसरे शहरों में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दंगा नियंत्रण करने वाले पुलिस बल का बेदर्दी से उपयोग किया.

मिस्र के सरकारी टेलीविज़न के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ख़बर दी है कि प्रशासन ने अदली और उनके परिजनों के खाते सील कर दिए हैं. आरोप है कि एक ठेकेदार की कंपनी से इन लोगों के व्यक्तिगत खातों में 40 लाख मिस्री पाउंड (लगभग तीन करोड़ रुपए) की राशि डाली गई थी.

कुछ पुलिस वाले पूर्व गृहमंत्री अदली पर मामला चलाने की मांग कर रहे हैं, कुछ तो उन्हें मृत्युदंड देने की बात भी कर रहे हैं.

एज़ स्टील के मालिक अहमद एज़ मुबारक़ की पार्टी के वरिष्ठ सदस्य रहे हैं और उन्हें मुबारक़ का बेहद क़रीबी माना जाता रहा है.

पिछले हफ़्ते एज़ स्टील की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि अहमद एज़ के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि जो जाँच हो रही है वह अहमद के ख़िलाफ़ व्यक्तिगत मामलों को लेकर है और इसका कंपनी के कामकाज पर कोई असर नहीं होगा.

इस समय कुल मिलाकर छह पूर्व मंत्री और व्यवसायी भ्रष्टाचार और अधिकारों के दुरुपयोग के मामलों में जाँच के घेरे में हैं.

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