बहरीन: विरोधियों ने फिर मोर्चा जमाया

  • 20 फरवरी 2011
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बहरीन में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर राजधानी मनामा के पर्ल चौक पर मोर्चा जमा लिया है.

शुरुआत में उनका पुलिस से संघर्ष हुआ था जिसमें पुलिस ने गोलियाँ चलाईं थीं और आंसू गैस के गोले दागे थे.

मौक़े पर मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक प्रदर्शनकारी दोबारा पर्ल चौक में जमा होने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें रोकने के लिए पुलिस दस्ते ने आंसू गैस और गोलियों का इस्तेमाल किया.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक इस घटना के बाद जगह-जगह एंबुलेंस और घायलों को संभालते लोग देखे गए. इसके बाद पुलिस घटनास्थल से हट गई थी.

प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे, उनका कहना था कि सरकार दमनकारी और भ्रष्टाचार में लिप्त है.

बातचीत का प्रस्ताव

बहरीन के शहजादे शेख सलमान बिन हमाद अल ख़लीफ़ा विपक्ष के साथ बातचीत कर रहे हैं. उनका कहना है कि वो चाहते हैं स्थितियां और न बिगड़ें.

दूसरी ओर बहरीन में मुख्य शिया विपक्षी गुट अल बेफ़ाक़ ने प्रदर्शन समाप्त करने के लिए शाह हमाद का बातचीत का प्रस्ताव ठुकरा दिया था.

गुट के सदस्यों ने कहा था कि पहले सरकार को इस्तीफ़ा देना होगा और राजधानी मनामा से सेना को हटाना होगा.

बहरीन में पिछले कई दिनों से सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं जिसके दौरान हिंसा भी हुई है.

गुरुवार को हुए प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद शुक्रवार को इन लोगों के जनाज़े में हज़ारों की भीड़ उमड़ी. इस दौरान हुई झड़पों में 50 लोग घायल हो गए थे.

इससे पहले अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बहरीन के शाह हमाद को फ़ोन किया था और उनसे संयम बरतने की अपील की थी.

बहरीन में ज़्यादातर लोग शिया समुदाय के हैं और वे चाहते हैं कि सुन्नी शाही परिवार शियाओं को ज़्यादा राजनीतिक प्रतिनिधित्व दे.

ब्रिटेन से 1971 में आज़ाद होने के बाद बहरीन में संपन्न सुन्नी लोगों और कम संपन्न शिया लोगों के बीच तनाव रहा है. शिया गुटों का कहना है कि वे हाशिए पर हैं और उन्हें दबाया जाता है.

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