लीबिया में कम से कम 84 मरे

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Image caption ये 17 फ़रबरी को यू-ट्यूब पर अपलोड किए गए वीडियो की तस्वीर है. ये लोग लीबिया के प्रशासक गद्दाफ़ी की 'ग्रीन बुक' के स्मारक को तोड़ रहे हैं.

लीबिया में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई हिंसा में अब तक कम से कम 84 लोगों के मारे जाने की खबर है.

मानवाधिकार संगठन ह्ययूमन राइट्स वॉच ने मरने वालों की संख्या 84 बताई है लेकिन मध्यपूर्व में बीबीसी के एक संवाददाता के मुताबिक मरने वालों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है.

हिंसा की ज़्यादातर खबरें लीबिया के प्रमुख शहर बेंग़ाज़ी से आ रही हैं जहां प्रदर्शनकारियों ने शहर के ज़्यादातर हिस्सों पर कब्ज़ा कर लिया है.

खबरों के अनुसार हथियारों से लैस सेना का एक दस्ता अब वहां पहुंच चुका है. इसके अलवा पांच और अलग-अलग शहरों से भी हिंसा की खबरें आ रही हैं.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक लीबिया की राजधानी त्रिपोली से भी छिटपुट हिंसा की खबरें आ रही हैं. यह लीबिया के शासक कर्नल गद्दाफ़ी का गढ़ है और यही वजह है कि इस इलाके में हो रही घटनाएं उनके लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं.

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि उसके सूत्रों ने बेंग़ाज़ी के अल-जला अस्पताल में ऐसे कई व्यक्तियों को देखा है जिनके सिर, छाती और गर्दन में गोलियां लगीं हैं. एमनेस्टी के अनुसार गुरुवार को लीबिया में 43 लोग मारे गए थे.

लीबिया में पिछले कुछ दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने ज़ोर पकड़ा है. शुक्रवार को बेंग़ाज़ी की कुछ इमारतों में आग लगा दी गई थी.

बिजली गुल, वेबसाइट ब्लॉक

ऐसी भी ख़बरें आ रही हैं कि लीबिया में कुछ सैनिक प्रदर्शनकारियों का साथ दे रहे हैं.

एक प्रदर्शनकारी ने बीबीसी को बताया कि सेना ने लोगों पर कुछ इलाक़ों में गोलियां चलाई हैं लेकिन कुछ जगहों पर सैनिक प्रदर्शनकारियों के साथ मिल गए हैं.

प्रदर्शनकारी ने बीबीसी को बताया, “सैनिक कह रहे हैं कि हम इस देश (लिबिया) के नागरिक हैं और हम अपने नागिरकों के ख़िलाफ़ नहीं लड़ सकते. हम अपने लोगों की इज़्ज़त करते हैं. हमें उनसे लड़ने की ज़रुरत नहीं है. ”

लीबिया के प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है कि उनके विरोध का ‘हिंसक और धमाकेदार’ जवाब दिया जाएगा. लीबिया में सरकार ने कई वेबसाइट ब्लॉक कर दी हैं और कुछ क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बंद कर दी है.

फ़ेसबुक और अल-जज़ीरा की अरबी भाषा वाली वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया गया है. बेंग़ाज़ी शहर की एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया गया है.

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