लीबिया में प्रदर्शन जारी, गद्दाफ़ी पर बढ़ा दवाब

  • 23 फरवरी 2011
लीबिया में प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट Getty

दुनिया भर में आलोचना और कई उच्च अधिकारियों के इस्तीफ़े के बाद लीबिया के अलग-थलग पड़ चुके प्रशासक कर्नल गद्दाफ़ी पर सत्ता छोड़ने के लिए दवाब बढ़ता जा रहा है.

गद्दाफ़ी प्रशासन में दूसरे सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति समझे जाने वाले और आंतरिक मामलों के मंत्री अबदल फ़ताह युनूस अल-अबिदी भी अब सरकार के विरोधियों से मिल गए हैं.

अल-अबिदी ने इस्तीफ़ा देते वक़्त कहा कि वो सेना से लोगों और उनकी मांगों का समर्थन करने का आग्रह कर रहे हैं.

साथ ही बुधवार को इंडोनेशिया, सिंगापोर और ब्रूनेई में स्थित लीबिया के राजदूतों ने अपने पद छोड़ दिए हैं.

रॉयटर्स के अनुसार गद्दाफ़ी के बेटे सैफ़ अल-इस्लाम गद्दाफ़ी के वरिष्ठ सहयोगी ने भी प्रशासन का साथ छोड़ दिया है.

मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने लीबिया में हिंसा रोकने की मांग की जबकि अरब लीग ने लीबिया को अपने समूह से निष्कासित कर दिया.

प्रदर्शनकारियों ने गद्दाफ़ी के टीवी पर दिए गए भाषण को काफ़ी अनादर से सुना.

पूर्वी लीबिया में मौजूद बीबीसी संवाददाता जॉन लेएन के अनुसार स्थानीय लोगों का मानना है कि अब सरकार का नियंत्रण कुछेक इलाक़ों तक सीमित रह गया है, जिनमें राजधानी त्रिपोली के कुछ हिस्से और दक्षिण शहर सभा शामिल हैं.

लीबिया के पूर्व से उठी विरोध-प्रदर्शनों की लहर में अबतक कम से कम 300 लोग मारे जा चुके हैं. हालांकि इटली के विदेश मंत्री ने कहा है कि मरने वालों की संख्या का वास्तविक आंकड़ा लगभग 1000 है.

लीबिया से निकलने की कोशिश

इटली के विदेश मंत्री फ़्रांको फ्रेटिनी ने अपने देश के एक समाचार पत्र को बताया है कि अगर कर्नल गद्दाफ़ी सत्ता छोड़ते हैं तो तीन लाख तक लीबिया निवासी देश छोड़ सकते हैं.

उधर फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने यूरोपीय संघ से लीबिया पर 'तुंरत और मज़बूत प्रतिबंध' लगाने के साथ-साथ सभी संबंध ख़त्म करने का आग्रह किया है.

फ़्रांस की तेल कंपनी टोटल ने लीबिया में अपनी सारी गतिविधियां स्थगित कर दी हैं.

इसी बीच तुर्की, फ़्रांस और रूस ने अपने नागिरकों को लीबिया से निकालने के लिए हवाई और समुद्री जहाज़ भेजे हैं.

ब्रिटेन ने अपनी नौसेना का एचएमएस कम्बरलैंड नामक जहाज़ लीबिया के समुद्री तट की ओर रवाना कर दिया है.

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