'गद्दाफ़ी ने कहा विमान में बम रखने को'

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Image caption इस बम हमले में कुल 270 लोग मारे गए थे जिनमें से 11 लॉकरबी के स्थानीय लोग थे.

लीबिया के पूर्व क़ानून मंत्री ने कर्नल गद्दाफ़ी पर पैन एम विमान को बम से उड़ाने का आदेश देने का गंभीर आरोप लगाया है.

साल 1988 में पैन अमेरिकन उड़ान 103 लंदन से न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भर चुकी थी जब स्कॉटलैंड के लॉकरबी शहर के ऊपर उसमें बम धमाका हुआ और 259 लोग मारे गए. विमान लॉकरबी शहर के रिहाईशी इलाक़े में गिरा, कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और स्थानीय 11 लोग भी मारे गए.

तब से ये लॉकरबी बॉंबिंग के नाम से जाना जाता है.

पूर्व क़ानून मंत्री मुस्तफ़ा अब्दुल जलील ने स्वीडन के एक अख़बार को दिए इंटरव्यू में ये गंभीर आरोप लगाए हैं.

स्कॉटलैंड के क़ानूनी विभाग ने कहा है कि वो इन आरोपों की जांच करेंगे.

इस हमले के लिए अब्दुलबसत अल मेग्राही को 2001 में जेल हुई थी लेकिन अगस्त 2009 में स्कॉटलैंड की सरकार ने मानवीय आधार पर उन्हें रिहा कर दिया क्योंकि उन्हें कैंसर हो गया था.

एक्सप्रेसेन अख़बार के अनुसार पूर्व क़ानून मंत्री मुस्तफ़ा अब्दुल जलील नि लीबिया में उनके संवाददाता से कहा, “मेरे पास सबूत हैं कि गद्दाफ़ी ने लॉकरबी का आदेश दिया था.”

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Image caption गद्दाफ़ी ने कभी भी हमले का आदेश देने की बात नहीं स्वीकार की है.

लेकिन उन्होंने सबूत के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी.

अब्दुल जलील ने लीबिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा के विरोध में पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

उन्होंने अख़बार से कहा है कि गद्दाफ़ी ने अब्दुलबसत अल मेग्राही को विमान उड़ाने का आदेश दिया.

अब्दुल जलील का कहना था, “इस सबको छिपाने के लिए उन्होंने (गद्दाफ़ी ने) अल मेग्राही को स्कॉटलैंड से वापस लेने के लिए ज़मीन आसमान एक कर दिया.”

एक्सप्रेसेन अख़बार की प्रवक्ता के अनुसार ये इंटरव्यू अरबी में किया गया और उसे स्वीडिश में अनुवाद किया गया.

कर्नल गद्दाफ़ी ने बम हमले के लिए लीबिया की ज़िम्मेदारी स्वीकार की थी और मारे गए लोगों के लिए 2003 में मुआवज़ा भी दिया था.

लेकिन उन्होंने ये कभी नहीं स्वीकार किया है कि उन्होंने बम हमले का आदेश दिया.

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