ईरान पर यूएन की नई चिंता

इमेज कॉपीरइट Getty

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम में सैन्य पहलू होने के बारे में उसे संभावित जानकारी मिली है.

आईएईए की ये रिपोर्ट बीबीसी को हासिल हुई है और इसे इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सेक्युरिटी (आईएसआईएस) ने ऑनलाइन प्रकाशित किया है.

आईएईए का कहना है कि नई रिपोर्ट से ईरान की गतिविधियों के बारे में और चिंताएँ पैदा हो गई हैं.

संगठन ने ईरान से आग्रह किया है कि वो कथित तौर पर हुए हथियार संबंधी परीक्षणों के बारे में सहयोग करे.

हालांकि ईरान शुरु से ही कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण मकसद के लिए है.

परमाणु मसला

रिपोर्ट में कहा गया है, “ईरान कई बातों का पालन नहीं कर रहा है जिस वजह से ये चिंता बढ़ रही है कि उसके परमाणु कार्यक्रम का सैन्य पहलू भी है. अघोषित परमाणु सामग्री के न मिलने को लेकर भी ईरान ज़रूरी सहयोग नहीं कर रहा. इस वजह से हम निश्चिंत नहीं हो सकते और ये निष्कर्ष नहीं निकाल सकते कि परमाणु सामग्री शांतिपूर्ण मकसद के लिए इस्तेमाल हो रही है.”

विश्व के छह बड़े देश परमाणु मुद्दे पर ईरान से बातचीत कर रहे हैं. यूरेनियम संवर्धन बंद न करने को लेकर ईरान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रतिबंध भी लगा रखे हैं.

दरअसल संवर्धित यूरेनियम का उपयोग कई असैन्य परियोजनाओं में किया जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने के लिए भी किया जा सकता है.पिछले कुछ सालों में संयुक्त राष्ट्र ने ईरान पर चार बार प्रतिबंध लगाए हैं.

इस वजह से ईरान के लिए अपनी परमाणु गतिविधियों के लिए उपकरण, तकनीक और पैसे जुटाना मुश्किल हो गया है लेकिन तेल और गैस में ईरान का कारोबार बराबर चल रहा है और यही ईरान की आमदनी का मुख्य ज़रिया है.

संबंधित समाचार