आर्थिक विकास दर सात प्रतिशत ही रहे: चीनी प्रधानमंत्री

चीन में एक फ़ैक्टरी
Image caption चीन आर्थिक विकास को सात प्रतिशत तक रखना चाहता है

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने इंटरनेट पर लोगों के प्रशनों के जवाब देते हुए कहा है कि वार्षिक आर्थिक विकास दर के लक्ष्य को आठ प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत किया जाएगा.

उनका तर्क है कि ऐसा करना इसलिए ज़रूरी है ताकि 'अस्थायी विकास न हो और उपभोक्ताओं के उपलब्ध सामान की कीमत बिना नियंत्रण के न बढ़ें.'

चीन में प्रधानमंत्री का ये ऑनलाइन सवाल-जवाब का सिलसिला वार्षिक ऑनलाइच चैट के रूप में चर्चित हो गया है.

वेन जियाबाओ ने कहा कि सरकार दृढ़ संकल्प है कि लोगों के जीवन-स्तर को बेहतर किया जाए, महँगाई का सामना किया जाए, आर्थिक विकास को चिरस्थायी बनाया जाए, भष्ट्राचार के ख़िलाफ़ जंग लड़ी जाए और पर्यावरण का संरक्षण किया जाए.

'कंपनियाँ बंद होने, बेरोज़गारी का ख़तरा'

चीनी प्रधानमंत्री का कहना था कि महँगाई पर काबू पाना सरकार की प्राथमिकता है क्योंकि महँगाई की दर बढ़ने से चीनी मुद्रा युआन का मूल्य बढ़ाने का दबाव बढ़ता है और ये सामाजिक स्थिरता के लिए ख़तरा है.

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, "महँगाई की दर बढ़ने से जनता को इसकी मार झेलने पड़ती है और इसका असर सामाजिक स्थिरता पर होता है. पार्टी और सरकार ने हमेशा कीमतों को स्थायी स्तर पर रखने को प्राथमिकता दी है...यदि युआन में अचानक वृद्धि होती है तो चीन की कई प्रोसेसिंग कंपनियाँ बंद हो जाएँगी और निर्यात के ऑर्डर अन्य देशों को चले जाएँगे. हमारे कई मज़दूरों की नौकरियाँ चली जाएँगी."

उनका कहना था कि युआन की कीमत को लचीला बनाने से चीनी व्यवसायों को मौद्रिक बदलावों को अपनाने में आसानी होगी.

चीन के प्रधानमंत्री का कहना था कि चीन का भविष्य शिक्षा, वैज्ञानिक शोध और सृजनात्मकता को बढ़ाने देने पर उतना ही निर्भर करता है जितना आर्थिक विकास पर निर्भर करता है.

ये टिप्पणियाँ चीन की संसद के पाँच मार्च को होने वाले वार्षिक सत्र से पहले आई हैं.

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