ब़ुज़ुर्गों पर यौन हमला था उसका मक़सद

  • 3 मार्च 2011
Image caption अभियुक्त लंदन में टेक्सी चलाता था

एक मिनीकैब ड्राइवर पर कोर्ट में जारी मुक़दमा इनदिनों लंदन में सुर्ख़ियों में बना हुआ है.

53 वर्षीय डेलरॉय ग्रांट पर आरोप है कि उन्होंने 17 साल के दौरान रात के साए में 80 बरस के ऊपर के कई पुरुषों और महिलाओं को लूटा और उन्हें यौन यंत्रणा दी. केवल बुर्ज़ुगों को ही कथित तौर पर निशाना बनाना इस व्यक्ति की ख़ासियत मानी जाती है.

आरोप है कि ये हमले उन्होंने 1992 से लेकर 2009 के बीच किए. डेलरॉय ग्रांट इन आरोपों से इनकार करते हैं.

अभियोजकों का कहना है कि कैब ड्राइवर रात को केवल ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जो बुज़ुर्ग और कमज़ोर हैं और इसलिए इस व्यक्ति को लोग नाइट स्टॉकर के नाम से जानने लगे थे.

ज्यूरी के सदस्यों को बताया गया है कि डेलरॉय ग्रांट ने अपना आरोप अपने बेटे के मत्थे मढ़ने की कोशिश की है क्योंकि शायद उसे लगा कि दोनों का डीएनए प्रोफ़ाइल एक जैसा होगा.

वकील जॉनथन लेडलॉ ने ज्यूरी को बताया, “इस व्यक्ति ने बुज़ुर्गों पर हमले क्यों किए और यौन यंत्रणा क्यों दी, ऐसा करने से उसे क्या हासिल हुआ...ये जानना नामुमकिन तो नहीं पर मुश्किल ज़रूर है.”

इस टैक्सी ड्राइवर को नवबंर 2009 में पकड़ा गया था जब उनकी कार को पुलिस ने रोका था.

कोर्ट में बताया गया है कि कैसे डेलरॉय ग्रांट ने अपनी पहचान छिपाने की हर मुमकिन कोशिश की जिसमें पीड़ितों के बेडरूम के बल्ब हटाना और टेलीफ़ोन लाइन के तार काटना शामिल है ताकि उसे भागने के लिए ज़्यादा समय मिल सके.

अभियोजक ने जानकारी दी कि इस सब के बावजूद कैसे इस टैक्सी ड्राइवर को भागने की जल्दी नहीं रहती थी और कई बार वो पीड़ितों को बातों में उलझाता था.

उन्होंने बताया, “क्या वो यौन यंत्रणा का आनंद लेता था, या उसे ये अपराध करते समय ताक़तवर होने का बोध होता था या फिर वहाँ पैदा हुए डर के माहौल का वो मज़ा लेता था...ये शायद अस्पष्ट ही रहेगा.”

इस मामले की सुनवाई अभी जारी है.

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