कीनिया के रंगीले सांसद की पीड़ा

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Image caption म्बुवि का कहना है कि बुज़ुर्ग पीढ़ी से सत्ता युवा हाथों में देने का वक़्त आ गया है

कीनिया के एक सांसद ने सदन के ड्रेस कोड को बदलने का बीड़ा उठाया है. पिछले दिनों उन्हें सिर्फ़ इसलिए सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेने दिया गया था कि वे कानों में बूंदे और आँखों पर रंगीन चश्मा डाले हुए थे.

मंगलवार को 35 वर्षीय सांसद गिडिओन म्बुवि को सदन से निष्कासित करते हुए स्पीकर ने कहा था कि उनका पहनावा सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं है.

दूसरी ओर म्बुवि का कहना है कि वे युवाओं के वोट के सहारे संसद में पहुँचे हैं और उन्हें युवाओं में लोकप्रिय पहनावे अपनाने का अधिकार है.

म्बुवि ने बीबीसी को बताया, "ये हमारी पीढ़ी है. ये हमारा समय है."

अमरीकी रैप गायकों के बीच लोकप्रिय बड़ी गाड़ी हम्मर चलाने वाले म्बुवि का कहना है कि यदि किसी सांसद ने सूट पहन रखी हो तो उसे बूंदे या सनग्लासेज़ के इस्तेमाल से नहीं रोका जाना चाहिए.

उनका कहना है कि कीनिया पर बहुत समय से बुज़ुर्ग बिरादरी का शासन रहा है और अब राष्ट्र की ज़िम्मेदारी युवा शक्ति के हाथों में डालने का वक़्त आ गया है.

लेकिन डिप्टी स्पीकर फ़राह मालिम का कहना है कि म्बुकि को सदन की कार्यवाही से बाहर करने का फ़ैसला सही था क्योंकि इससे पहले कोई पुरुष सांसद कानों में बूंदे डाल कर सदन में नहीं आया था.

घोड़े के बालों वाला विग

लेकिन लगता है म्बुवि की ड्रेसिंग स्टाइल से आम जनता को कोई चिढ़ नहीं है. ऐसे ही एक व्यक्ति का कहना है कि घोड़े के बालों का बना विग लगा कर सदन की कार्यवाही चलाने वाले स्पीकर से ज़्यादा हास्यास्पद और कोई नहीं हो सकता.

म्बुवि पिछले साल के चुनाव में राजधानी नैरोबी की एक सीट से चुने गए थे. वे सोन्को नाम से लोकप्रिय हैं, जिसका स्वाहिली भाषा में मतलब होता है- धनवान और रंगीला व्यक्ति.

विगत में उन पर ड्रग्स के धंधे में लिप्त होने का भी आरोप लगा है, जिसका उन्होंने हमेशा ही खंडन किया है.