'मिस्राता शहर में तुरंत मदद की जरूरत'

  • 7 मार्च 2011
बिन जवात, लीबिया इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption बिन जवात में भीषण लड़ाई जारी है लेकिन ताज़ा ख़बर के मुताबिक़ गद्दाफ़ी समर्थकों ने विद्रोहियों को पिछे हटने पर मजबूर कर दिया.

आपातकालीन मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र की संयोजक वैलेरी अमोस ने कहा है कि लीबियाई शहर मिस्रात में फ़ौरन मदद पहुंचाने की ज़रूरत है.

मिस्रात में लीबियाई नेता कर्नल मोअम्मर गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिकों और विद्रोहियों के बीच भीषण लड़ाई जारी है.

वैलेरी अमोस ने कहा कि राहतकर्मियों को तुरंत मिस्रात शहर के अंदर दाख़िला मिलना चाहिए ताकि गंभीर रुप से घायल लोगों का इलाज किया जा सके.

संयुक्तराष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि गद्दाफ़ी के समर्थकों और विरोधियों के बीच लड़ाई में आम नागरिक ख़मियाज़ा भुगत रहे हैं.

बान की मून ने कहा कि लीबियाई सरकार को अत्यधिक बल प्रयोग पर फ़ौरन रोक लगा देना चाहिए.

मिस्राता के नागरिकों का कहना है कि रविवार को गद्दाफ़ी समर्थक सैनिक टैंकों और भारी तोपों की मदद से शहर में दाख़िल हो गए और शहर के चौराहे तक पहुंचने में सफलता पा ली थी.

मिस्राता में एक स्थानीय डॉक्टर ने बीबीसी को बताया कि गद्दाफ़ी समर्थकों के शहर में दाख़िल होने के बाद हालात 'बेहद ख़राब' हो गए थे.

डॉक्टर ने कहा कि गद्दाफ़ी समर्थक बलों ने निहत्थे और हथियारबंद में फ़र्क किए बिना गोलियां चलाई.

लेकिन फिर विद्रोहियों ने उन्हें शहर से बाहर खदेड़ दिया.

'विद्रोहियों का क़ब्ज़ा'

लीबिया में प्रत्यक्षदर्शियों और विद्रोहियों का कहना है कि गद्दाफ़ी की वफ़ादार सेना जिन चार शहरों पर अपने नियंत्रण का दावा कर रही है वे अब भी विद्रोहियों के कब्ज़े में हैं.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि तोबरुक और रास लानुफ़ नाम के शहर अब भी विद्रोहियों के कब्ज़े में हैं.

रविवार को रास लानुफ़ पहुंचे बीबीसी के निक स्प्रिंगेट ने इस बात की पुष्टि की है कि ये शहर अब भी विपक्ष के पास है और वहां गद्दाफ़ी के हिमायती मौजूद नहीं हैं.

लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लीबिया के इस प्रमुख तेल उत्पादक शहर के ऊपर से सरकारी हवाई जहाज़ों ने उड़ाने भरी हैं और विद्रोही इन जहाज़ों पर निशाना लगाने की कोशिश कर रहे हैं.

रास लानुफ़ से 50 किलोमीटर दूर बिन जवाद में भी झड़पें हुई हैं. विद्रोहियों का कहना है कि सरकारी सेना की भारी गोलीबारी के बाद उन्हें उस शहर से पीछे हटना पड़ा है.

इस शहर में डॉक्टरों ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि दो लोग मारे गए हैं और लगभग 40 लोग घायल हुए हैं.