लीबिया के कई शहरों में झड़पें

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Image caption लीबिया के रास लानुफ़ शहर में विद्रोही लड़ाके अब भी जमे हुए हैं.

लीबिया में प्रत्यक्षदर्शियों और विद्रोहियों का कहना है कि गद्दाफ़ी की वफ़ादार सेना जिन चार शहरों पर अपने नियंत्रण का दावा कर रही है वे अब भी विद्रोहियों के कब्ज़े में हैं.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि तोबरुक और रास लानुफ़ नाम के शहर अब भी विद्रोहियों के कब्ज़े में हैं.

उधर आम लोगों और विद्रोहियों का कहना है कि मिस्राता और ज़ाविया भी गद्दाफ़ी विरोधियों के नियंत्रण में हैं.

लेकिन रविवार को मिस्राता और रास लानुफ़ पर ताज़ा हमले हुए हैं और बिन जवाद क़स्बे में ही दोनों पक्षों में झड़पें हुई हैं.

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में अधिकारियों का कहना है कि सुबह हुई गोलीबारी गद्दाफ़ी के हिमायती लोगों ने कुछ क़स्बों में मिली 'जीत का जश्न' मनाने के लिए की थी.

त्रिपोली में बीबीसी संवाददाता के अनुसार सुबह जब गोलीबारी शुरू हुई तो लगा कि सरकार और विरोधियों के बीच लड़ाई छिड़ गई है.

सिर्ते से पूर्व में 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रास लानुफ़ पर शनिवार को विपक्ष ने अपने नियंत्रण में ले लिया था.

रास लानुफ़

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Image caption प्रत्यशदर्शियों का कहना है कि रास लानुफ़ शहर के ऊपर से गद्दाफ़ी समर्थक वायुसेना ने उड़ानें भरी हैं.

रविवार को रास लानुफ़ पहुंचे बीबीसी के निक स्प्रिंगेट ने इस बात की पुष्टि की है कि ये शहर अब भी विपक्ष के पास है और वहां गद्दाफ़ी के हिमायती मौजूद नहीं हैं.

लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लीबिया के इस प्रमुख तेल उत्पादक शहर के ऊपर से सरकारी हवाई जहाज़ों ने उड़ाने भरी हैं और विद्रोही इन जहाज़ों पर निशाना लगाने की कोशिश कर रहे हैं.

रास लानुफ़ ने 50 किलोमीटर दूर बिन जवाद में भी झड़पें हुई हैं. विद्रोहियों का कहना है कि सरकारी सेना की भारी गोलीबारी के बाद उन्हें उस शहर से पीछे हटना पड़ा है.

इस शहर में डॉक्टरों ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि दो लोग मारे गए हैं और 40 के क़रीब घायल हुए हैं.

मिस्राता में एक स्थानीय डॉक्टर ने बीबीसी को बताया है कि गद्दाफ़ी समर्थक बलों के टैंक और बख़्तरबंद गाड़ियों में शहर में दाख़िल होने के बाद हालात 'बेहद ख़राब' हो गए हैं.

डॉक्टर ने कहा कि गद्दाफ़ी समर्थक बलों ने निहत्थे और हथियारबंद में फ़र्क किए बिना गोलियां चलाई हैं.

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