लीबिया: विद्रोहियों ने बातचीत की पेशकश ठुकराई

  • 8 मार्च 2011
रास लानुफ़ के लिए जंग इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption लीबिया के रास लानुफ़ शहर पर गद्दाफ़ी समर्थक सेना हवाई हमले कर रही है.

कर्नल गद्दाफ़ी समर्थक सेना ने प्रमुख तेल उत्पादक शहर रास लानुफ़ पर और हवाई हमले किए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गद्दाफ़ी की सेना हवाई जहाज़ों से रिहाइशी इलाक़ों पर मिसाइलें दाग़ रही है.

फ़िलहाल इन हमलों में किसी के मरने की ख़बर नहीं आई है.

इस बीच विद्रोहियों के एक प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें कर्नल गद्दाफ़ी की ओर बातचीत करने की पेशकश की गई है. प्रवक्ता ने कहा कि विद्रोहियों ने बातचीत की पेशकश को ठुकरा दिया है.

बातचीत की पेशकश

विद्रोहियों की अंतरिम राष्ट्रीय परिषद के जलाल अल-गल्लाल ने बीबीसी को बताया, "सत्ता छोड़ें तो अलग बात है."

कर्नल गद्दाफ़ी की ओर से विद्रोहियों के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई लेकिन वे पहले भई सत्ता छोड़ने से इंकार कर चुके हैं.

Image caption रास लानुफ़ लीबिया का प्रमुख तेल उत्पादक शहर है.

गद्दाफ़ी का मत है कि उनका कोई आधिकारिक पद नहीं इसलिए उनका इस्तीफ़ी असंभव है.

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में स्थित बीबीसी संवाददाता के अनुसार गद्दाफ़ी समर्थक मानते हैं कि उन्हें विद्रोहियों के ख़िलाफ़ जंग में सफलता मिल रही है.

सोमवार को गद्दाफ़ी की सेना ने बिन जवाद नाम के क़स्बे पर एक बार फिर से कब्ज़ा कर लिया था.

नो-फ़्लाई ज़ोन

उधर लीबिया के आसमान पर सैनिक उड़ानों को रोकने के लिए पश्चिमी देशों में कोशिशें तेज़ कर दीं हैं.

ब्रिटेन और फ़्रांस इसके लिए एक संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं जिसपर गुरुवार को नेटो के विदेश मंत्रियों की बैठक में बहस होगी.

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Image caption नेटो के महानिदेशक आंद्रेस रासमस्सेन का कहना है कि नो-फ़्लाई ज़ोन लागू करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की मंज़ूरी लेनी पड़ेगी.

अगर 'नो-फ़्लाई ज़ोन' लागू होता है तो लीबिया के आकाश में किसी भी सैनिक उड़ान पर प्रतिबंध लग सकता है. इस नियम की अवहेलना करने वाले किसी हवाई जहाज़ को अंतरराष्ट्रीय सेना अपना निशाना बना सकती है.

इससे पहले 1991 में हुए पहले खाड़ी युद्ध में इराक़ पर और 1994-95 में बोस्निया पर 'नो-फ़्लाई ज़ोन' लागू किया गया था.

खाड़ी के देशों ने लीबिया पर 'नो-फ़्लाई ज़ोन' लागू करने का समर्थन किया है. साथ ही उन्होंने अरब लीग की तत्काल बैठक बुलाए जाने की भी मांग की है.

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