नुकसान होगा लेकिन काम जारी रहेगा

पीटर हॉरक्स
Image caption पीटर हॉरक्स का कहना है कि कटौती के बावजूद बीबीसी महत्वपूर्ण संस्था बनी रहेगी.

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के प्रमुख पीटर हॉरक्स ने कहा है कि अगले कुछ वर्षों में फंडिंग में होने वाली कटौतियों से संगठन को बहुत नुक़सान होगा लेकिन इसके बावजूद बीबीसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बेहतरीन समाचार संगठन बना रहेगा.

वर्ल्ड सर्विस में घोषित कटौतियों के प्रभाव की जांच संसद की एक समिति कर रही है और इस समिति के सामने पेश होते हुई पीटर हॉरक्स ने ये बातें कहीं.

समिति ने सुनवाई के दौरान ट्रेड यूनियनों का भी पक्ष सुना जो वर्ल्ड सर्विस के स्टाफ की बात रख रही हैं. ट्रेड यूनियनों का कहना था कि शॉर्टवेव सेवाएं बंद करने से श्रोताओं की संख्या में भारी गिरावट होगी.

अगले तीन वर्षों में बीबीसी वर्ल्ड सर्विस को कम से कम सात करोड़ डॉलर की बचत करनी है और इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए वर्ल्ड सर्विस ने पाँच भाषाओं में सेवाओं के शॉर्टवेव ट्रांसमिशन बंद करने का फ़ैसला किया है.

श्रोता शॉर्टवेव पर आश्रित

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के महासचिव जेरेमी डियर ने समिति के समक्ष बताया कि बड़ी संख्या में श्रोता अभी भी शॉर्टवेव ट्रांसमिशन पर आश्रित हैं और इसे बंद करना सही नहीं होगा.

रुस, चीन और भारत में शॉर्टवेव सेवाओं के बंद करने का ब्रिटेन के कई सांसदों ने भी विरोध किया है. वर्ल्ड सर्विस प्रमुख हॉरक्स का कहना था कि सरकारी फ़ंडिंग में कमी और श्रोताओं की संख्या में कमी आने के कारण ये फ़ैसले लिए गए हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या इन कटौतियों से बीबीसी और ब्रिटेन की छवि को नुक़सान नहीं पहुंचेगा, हॉरक्स ने माना कि ऐसा ज़रुर होगा लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वर्ल्ड सर्विस इस मुश्किल से उबर सकेगी.

सांसदों को डर है कि जब कुछ वर्षों बाद वर्ल्ड सर्विस का पैसा सरकार की बजाय बीबीसी से ही आएगा तो वर्ल्ड सर्विस में और कटौती हो सकती है.

इस संबंध में बीबीसी के महानिदेशक मार्क थाम्पसन ने आश्वासन दिया कि वर्ल्ड सर्विस सरकार के विदेश सहायता विभाग से छोटी अवधि के लिए पैसे जुटाने पर विचार कर रही है लेकिन अभी इसकी सफलता के बारे में कोई संकेत नहीं मिले हैं.

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