ज़ाविया पर सैन्य 'कब्ज़ा', कूटनीतिक प्रयास भी तेज़

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लीबिया में तेज़ी से बदलते घटनाक्रम में सरकार ने कई दिनों की जंग के बाद पश्चिमी भाग में ज़ाविया पर कब्ज़ा करने का दावा किया है. उधर प्रताड़ना पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने कर्नल गद्दाफ़ी की सेना की ओर से हुई कथित ज़्यादतियों की जाँच शुरु की है.

लीबिया में सरकारी टीवी ने सेना को ज़ाविया के केंद्रीय भाग में जश्न मनाते दिखाया है. एक स्थानीय डॉक्टर ने कहा है कि बुधवार को हुई जंग में कम से कम 40 लोग मारे गए हैं. लीबिया में बीबीसी संवाददाता जोन लेयन के अनुसार गद्दाफ़ी की समर्थक सेना ने दावा किया है कि राजधानी त्रिपोली से 50 किलोमीटर दूर ज़ाविया पर सरकार का 95 फ़ीसदी कब्ज़ा हो गया है.

इन दावों की स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि करना संभव नहीं है कि क्योंकि विदेशी संगठनों के पत्रकारों को उस इलाक़े में जाने की इजाज़त नहीं है.

उधर तेल निकालने के प्रमुख केंद्र रास लानुफ़ शहर विद्रोहियों ने बड़े हथियारों से फ़ायरिंग की है लेकिन उन्हें खदेड़ दिया गया है. रास लानुफ़ के तेल टर्मिनल पर एक बड़ा धमाका हुआ है लेकिन स्पष्ट नहीं है कि ये किसने किया है.

मिस्र और ट्यूनिशिया में पिछले महीने सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद, लीबिया के अनेक शहरों में प्रदर्शन शुरु हुए थे. फिर इन प्रदर्शनों ने सरकार विरोधी लड़ाकों और सत्तापक्ष के सैनिकों-समर्थकों के बीच हिंसक संघर्ष का रूप ले लिया.

कर्नल गद्दाफ़ी पिछले लगभग 41 साल से सत्ता में बने हुए हैं. गद्दाफ़ी के विरोधी उनके सत्ता छोड़ने और व्यापक राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे हैं.

'लीबियाई विदेशी सैनिक नहीं चाहते'

लीबिया की सरकार ने बेनग़ाज़ी में विद्रोहियों की बनाई अंतरिम राष्ट्रीय परिषद के नेता मुस्तफ़ा अब्देल जलील को पकड़ने के लिए पाँच लाख दिनार के ईनाम की घोषणा की है.

परिषद के सलाहकार अहमद जिब्रील ने बीबीसी को बताया, "लीबियाई लोग एकमत हैं कि नो फ़्लाई ज़ोन बने और हवाई हमले गद्दाफ़ी के अड्डो पर हों जहाँ से लोगों के ख़िलाफ़ मिसाइल हमले हुए हैं. लीबियाई इस बात पर एकमत हैं कि वे लीबिया में किसी विदेशी सैनिक की तैनाती नहीं चाहते हैं. नो फ़्लाई ज़ोन की ज़रूरत इसलिए है क्योंकि क्रांतिकारी प्रगति कर रहे हैं और जब वे शहरों में पहुँचते हैं तो लोग उनके साथ मिल जाएँगे. ज़ाविया और मिसराता तबाही के क़रीब हैं."

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Image caption रास लानुफ़ में भी भीषण जंग हुई है और तेल टर्मिनल में आग लग गई है

दूसरी ओर कर्नल गद्दाफ़ी ने कहा है कि अगर पश्चिमी देशों और संयुक्त राष्ट्र की ओर से लीबिया पर 'नो फ़्लाई ज़ोन' बनाया जाता है तो उनके लोग हथियार उठा लेंगे.

तुर्की टीवी को दिए गए एक साक्षात्कार में गद्दाफ़ी ने कहा कि 'नो फ़्लाई ज़ोन' बनाए जाने का मतलब है कि पश्चिमी देश लीबिया के तेल के संसाधानों पर कब्ज़ा करना चाहते हैं.

कूटनीतिक प्रयास तेज़

कर्नल गद्दाफ़ी की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास भी तेज़ किए हैं. गद्दाफ़ी सरकार का एक अधिकारी पुर्तगाल के विदेश मंत्री को लिस्बन में मिला है. पुर्तगाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है और प्रतिबंधों से संबंधित समिति का अध्यक्ष है. यही अधिकारी पहले मॉलटा के प्रधानमंत्री से मिला था.

दूसरी ओर गद्दाफ़ी का एक वरिष्ठ सहयोगी काहिरा पहुँचा है और इतालवी विदेश मंत्री ने इसे अरब लीग से संपर्क साधने का प्रयास बताया है.

ओबामा के प्रवक्ता जे कार्नी ने पत्रकारों को बताया है कि अमरीकी अधिकारियों का मानना है कि लीबिया पर लगाए गए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद विद्रोहियों के कब्ज़े में पूर्वी लीबिया के इलाक़े में हथियार पहुँचाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

प्रताड़ना पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत के ख़िलाफ़ जुआन मेंडेज़ ने समाचार एजेंसी एपी को बताया है कि वे अस्पतालों में भर्ती मरीज़ों को जान से मारे जाने, प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाए जाने और ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग के आरोपों पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय पहले ही आठ लोगों के विषय में एक जाँच शुरु कर चुका है और उसमें कर्नल गद्दाफ़ी शामिल हैं.

इन पर मानवता के ख़िलाफ़ संदिग्ध अपराधों के विषय में जाँच हो रही है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद भी लीबिया संबंधित एक जाँच शुरु कर रहा है.

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