जापान के एक और परमाणु रिएक्टर में रिसाव

  • 13 मार्च 2011
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जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव यूकियो इडानो ने कहा है कि आए भूकंप से क्षतिग्रस्त हुए फ़ुकुशिमा के परमाणु संयंत्र के तीसरे रिएक्टर से परमाणु विकरण के रिसाव की आशंका है.

इसके पहले शनिवार को इस परमाणु संयंत्र में धमाका हुआ था और पहले रिएक्टर से परमाणु विकरण के रिसाव शुरु हो गया था.

शनिवार को हुए धमाके के बाद फ़ुकुशिमा के परमाणु संयंत्र से धुँआ उठता देखा गया और उसमें कई कर्मचारी घायल हो गए थे.

बीबीसी के पर्यावरण मामलों के संवाददाता का कहना है कि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति नियंत्रण में है लेकिन कई हैं जो जापान सरकार की सच्चाई पर सवाल उठा रहे हैं.

इस धमाके के बाद परमाणु संयंत्र के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले हज़ारों लोगों को इलाक़ा खाली करने के लिए कहा गया था.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार परमाणु संयंत्र के 60 किलोमीटर के दायरे में जाने से भी रोक दिया गया है. साथ ही सरकार ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है.

दरअसल शुक्रवार के भूकंप के बाद बिजली आपूर्ति बंद हो गई थी जिस कारण कई रिएक्टरों में कूलिंग प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया था.

राहत और बचाव

इधर जापान सरकार ने एक लाख सैनिकों को राहत और बचाव कार्य में लगाया है.

लोगों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर राहत कार्य चल रहा है. दो लाख से ज़्यादा लोग शिविरों में हैं.

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अब भी जापान के उत्तर पूर्वी इलाक़े के कई समुदायों के लोगों से संपर्क कटा हुआ है.

ग़ौरतलब है कि जापान में आधिकारिक तौर पर 1700 लोगों को मृत या लापता घोषित कर दिया गया है.

मरने वालों में ज़्यादातर वो लोग हैं जिन्हें सुनामी की लहरें बहाकर ले गईं. कई गाँव तो पूरे के पूरे बह गए.

बंदरगाह के पास बसे मिनामीसानरिकू कस्बे में 10 हज़ार लोगों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है.

25 हज़ार से ज़्यादा की आबादी वाले रिकुज़ेनतकाडा कस्बा लगभग पूरी तरह तबाह हो गया है. वहाँ से 400 शव बरामद हुए हैं.

सेंदाई पहुंचे एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि वहां की तबाही दिल दहलाने वाली है.

पचास से ज़्यादा देशों ने मदद की पेशकश की है.

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता ने कहा है कि नौ लोगों का विशेषज्ञ दल भेजा जा रहा है जिसमें कई लोग जापानी भाषा बोलते हैं. वहीं जापान के अनुरोध के बाद ब्रिटेन भी अपना दल भेज रहा है. स्विट्ज़रलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और अमरीका की टीमें जापान रवाना हो चुकी हैं.

शुक्रवार को जापान में ज़बरदस्त भूकंप आया था जिसका तीव्रता 8.9 मापी गई थी.

भूकंप के बाद सुनामी की ज़बरदस्त लहरें उठी थीं जिस वजह से काफ़ी तबाही हुई है. ये लहरें तट के दस किलोमीटर अंदर तक मार कर गईं थीं.

ये जापान के इतिहास में सबसे शक्तिशाली भूकंप में से एक है.

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