अरब लीग ने नो फ़्लाई ज़ोन का समर्थन किया

  • 13 मार्च 2011
लीबिया में विद्रोही इमेज कॉपीरइट BBC World Service

अमरीका ने घोषणा की है कि वो अरब लीग के लीबिया के ऊपर नो फ्लाई ज़ोन बनाए जाने के सर्वसम्मत फ़ैसले का समर्थन करता है.

अमरीका का कहना है कि अरब लीग में नो फ़्लाई ज़ोन घोषित करने को कहने पर सहमति होने से कर्नल गद्दाफ़ी पर दबाव बढ़ेगा.

अरब लीग ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से लीबिया को नो फ़्लाई ज़ोन घोषित करने का अनुरोध किया है.

दरअसल कर्नल गद्दाफ़ी विद्रोहियों के ख़िलाफ़ लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर रहे हैं और नो फ़्लाई ज़ोन घोषित करने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन्हें इससे रोकेगा

अरब लीग के 22 सदस्य देशों ने ये भी फ़ैसला किया है कि वो कर्नल गद्दाफ़ी के विरोधियों से औपचारिक संपर्क स्थापित करेंगे.

इधर लीबिया स्थित पत्रकारों के एक दल को सरकार की ओर से राजधानी त्रिपोली के पूर्व में स्थित तेल के शहर रास लानुफ़ ले जाया गया है जहाँ कर्नल गद्दाफ़ी समर्थक सैनिकों ने फिर कब्ज़ा जमा लिया है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि गद्दाफ़ी समर्थक सैनिकों की रास लानुफ़ में जीत से वे बेनगाज़ी के और क़रीब आ गए हैं जो अब तक विद्गोहियों के क़ब्ज़े में है.

कैमरामैन की मौत

इधर अल जज़ीरा का कहना है कि लीबिया में उसका एक कैमरामैन मारा गया है.

अल जज़ीरा का कहना है कि अली हसन अल जबेर और उसका दल बेनगाज़ी के नजदीक एक सैन्य हमले का निशाना बन गए.

अल जज़ीरा संवाददाता ने इसके लिए गद्दाफ़ी समर्थकों को दोषी ठहराया है.

इस बीच अमरीका और यूरोपीय संघ कर्नल गद्दाफ़ी पर सत्ता छोड़ने के लिए दबाव बढ़ा रहे हैं.

राष्ट्रपति ओबामा ने वाशिंगटन में कहा है कि ये दुनिया का कर्तव्य बनता है कि वो लीबिया में रवांडा और बॉस्निया जैसे नरसंहार को रोकने के लिए कदम उठाए.

उन्होंने कहा है कि अमरीका गद्दाफ़ी को सत्ता से बाहर करने के लिए कई क़दम उठाएगा और वो एक विशेष दूत की नियुक्ति कर रहे हैं जो लीबिया में विपक्षी दलों से बात करेंगे.

ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों ने भी ऐलान किया है कि गद्दाफ़ी को सत्ता छोड़नी होगी.

लेकिन जो प्रस्ताव पारित हुआ है उसमें ये नहीं तय हो पाया है कि लीबिया को नो फ़्लाई ज़ोन घोषित किया जाए या नहीं.

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