बरेगा पर विद्रोहियों का कब्ज़ा

  • 14 मार्च 2011
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Image caption बरेशा शहर में सैनिकों और विद्रोहियों के बीच ज़बर्दस्त संघर्ष हुआ है.

लीबिया के शहर बरेगा में विद्रोहियों का कहना है कि उन्होंने कर्नल गद्दाफ़ी के वफादार सैनिकों को खदेड़ दिया है और वो एक बार फिर शहर में प्रवेश कर गए हैं.

इससे पहले रविवार की रात विद्रोहियों पर ज़बर्दस्त हमले हुए थे और उन्हें बरेगा शहर छोड़कर भागना पड़ा था.

अब विद्रोहियों का कहना है कि बेनगाज़ी से उनके फौज़ की एक टुकड़ी आई जिसकी मदद से बरेगा पर फिर नियंत्रण स्थापित कर लिया गया है.

बेनगाजी़ पर पहले से ही विद्रोहियों का कब्ज़ा है और पश्चिम में मिसराता भी विद्रोहियों के पास है.मिसराता से ख़बरें हैं कि शहर के बाहर टैंकों से गोलाबारी की आवाज़ें सुनाई पड़ी हैं.

विद्रोहियों का कहना है कि लीबिया में संघर्ष ऐसे दो पक्षों के बीच हो रहा है जिसमें एक के पास समूची सेना है और दूसरे के पास अत्यंत सीमित संसाधन हैं.

वो कहते हैं कि उन पर ज़मीनी ही नहीं बल्कि हवाई और समुद्री हमले भी हो रहे हैं. वो चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी जल्दी क़दम उठाए और लीबिया की वायु सीमा को उड़ान निषिद्ध क्षेत्र घोषित करे.

शनिवार को अरब लीग के 22 देशों के विदेश मंत्रियों ने लीबिया के नागरिकों की सुरक्षा के नाम पर संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद से कहा कि वो उड़ान निषेध से सहमत हैं और इसे लागू करने का समर्थन करते हैं.

इस बीच फ्रांस ने कहा है कि वो लीबिया के ऊपर नो फ्लाई ज़ोन बनाने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज़ करना चाहता है.

उधर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वाच ने लीबिया के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वो राजधानी त्रिपोली में धरपकड़ कर रहे हैं और इसमें कई लोग गायब हो रहे हैं.

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