'उड़ान निषिद्ध क्षेत्र' के लिए प्रस्ताव

  • 16 मार्च 2011
गद्दाफ़ी के सैनिक इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption हवाई हमलों के कारण गद्दाफ़ी की समर्थक सेना को बड़ी सफलताएं मिली हैं.

ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव का मसौदा पेश किया है जिससे लीबिया के आसमान को उड़ान निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जा सकेगा.

कर्नल गद्दाफ़ी के वायु हमलों को रोकने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस ने यह क़दम उठाया है. ब्रिटेन और फ्रांस का कहना है कि अरब लीग ने इस तरह के उपायों का आग्रह किया था जिसके बाद उन्होंने यह प्रस्ताव पेश किया है.

हालांकि सुरक्षा परिषद में लीबिया में सैन्य हस्तक्षेप को लेकर अलग अलग विचार हैं और इस मसौदे पर भी एक राय बनने की संभावना नज़र नहीं आ रही है.

जर्मनी का कहना है कि अभी भी लीबिया में कई सवालों का जवाब मिलना बाकी है जबकि अमरीका ने इस मामले में अभी तक अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया है.

हालांकि अमरीका ने लीबिया पर आर्थिक पाबंदियों को और कड़ा करते हुए विदेश मंत्री मूसा कूसा और लीबिया की 16 सरकारी कंपनियों की परिसंपत्तियों को सील कर दिया है.

जी आठ देशों के विदेश मंत्री इस मुद्दे पर मंगलवार को एक राय नहीं बना पाए थे.

हालांकि अभी तक लीबिया के आसमान को उड़ान निषिद्ध क्षेत्र घोषित करने के मामले में कोई सहमति नहीं हो सकी है.

संयुक्त राष्ट्र में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सुरक्षा परिषद के सदस्य चाहते हैं कि उड़ान निषिद्ध क्षेत्र संबंधी प्रस्ताव के मामले में अरब लीग मुख्य भूमिका निभाए ताकि आम सहमति कायम हो सके.

लीबिया में लड़ाई

इस बीच लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी के वफ़ादारों और विद्रोहियों के बीच संघर्ष जारी है.

कर्नल गद्दाफ़ी के वफादार सैनिक ज़मीन और हवाई हमलों के ज़रिए अपना प्रभाव छोड़ने में कामयाब हो रहे हैं और पूर्व दिशा में आगे बढ़ते जा रहे हैं.

लड़ाकू विमानों ने अज़दबिया शहर के बाहर भयंकर बमबारी की है और अब कर्नल गद्दाफ़ी के वफ़ादारों के लिए बेनगाज़ी को विद्रोहियों के कब्ज़े से छु़ड़ाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी का कहना है कि बड़ी संख्या में लीबिया के नागरिक देश छोड़ रहे हैं और मिस्र में प्रवेश कर रहे हैं.

एजेंसी के अनुसार अब तक माना जा रहा था कि वही लोग लीबिया छोड़ रहे हैं जो काम की तलाश में अपने इलाक़े छोड़ते थे लेकिन अब आम लोग, औरतें और बच्चे भी इलाक़े छोड़ रहे हैं.

उधर पश्चिम में कर्नल गद्दाफ़ी के वफ़ादारों को बहुत सफलता मिली है और वो ट्यूनीशिया की सीमा से लगी ज़ुवारा में दोबारा अपना नियंत्रण स्थापित करने में सफल रहे हैं.

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