ईंधन को ठंडा करने की कोशिश जारी

  • 18 मार्च 2011
इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption ईंधन को ठंडा करने के लिए हेलीकॉप्टर से पानी बरसाया गया है.

जापान में सुनामी से प्रभावित फ़ुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र में ईंधन को ठंडा करने की कोशिशें जारी हैं. कहा जा रहा है कि इस काम में लगे लोगों को कुछ सफलता मिली है.

हेलीकॉप्टरों के ज़रिए पानी बरसाया गया है कि ताकि ईंधन की छड़ों को पिघलने से बचाया जा सके.इंजीनियरिंग टीम उन पंपों तक नए पावर केबल बिछाने में लगी है जिनसे रिएक्टर ठंडे रहते हैं.

फ़ुकुशिमा संयंत्र के एक मैनेजर ने बताया है कि स्थिति को सुधारने की दिशा में पहला क़दम ये होगा कि किसी तरह अंतरिम बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके.इसका मकसद ये है कि ईंधन की छड़ें बहुत ज़्यादा न तपें और परमाणु त्रासदी न हो.

जापानी सेना के सीएच-48 चिनूक हेलीकॉप्टरों ने रिएक्टर नंबर तीन और चार पर पानी बरसाया.बुधवार को भी ऐसा करने की कोशिश की गई थी लेकिन विकिरण के बढ़ते प्रभाव की आशंका के बीच ये काम रोकना पड़ा था.

बीबीसी संवाददाता क्रिस हॉग का कहना है कि हेलीकॉप्टर काफ़ी मात्रा में पानी बरसा सकते हैं लेकिन तेज़ हवाओं के कारण ये जानना मुश्किल होता है कि पानी सही तरह से बरसाया जा सका है या नहीं. वीडियो फ़ुटेज से संकेत मिले हैं कि कोशिश ज़्यादा सफल नहीं हुई है.

मृतकों की संख्या

जापान की समाचार एजेंसी क्योडो का कहना है कि छह में से चार परमाणु रिएक्टरों में पानी का तापमान और स्तर नोट नहीं किया जा सका है.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि स्थिति गंभीर पर स्थिर बनी हुई है.

इस बीच शुक्रवार को आए भूकंप और सुनामी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 5400 हो गई है. पुलिस का कहना है कि कोई 9500 लोग लापता हैं.

आईएईए के अधिकारी ग्राहम एंड्रयू ने वियना में पत्रकारों को बताया, रिएक्टर नंबर चार को लेकर चिंता बनी हुई है. ये सक्रिय नहीं है लेकिन यहाँ इस्तेमाल की गईं ईंधन की छड़ें रखी जाती हैं.

उन्होंने कहा कि टोक्यो में विकिरण के स्तर में बढ़ोतरी नहीं है और ये स्तर ख़तरनाक नहीं है.

तमाम आश्वासनों के बावजूद टोक्यो में सकड़ें खाली पड़ी हैं. ज़्यादातर लोग या तो घरों से बाहर नहीं निकल रहे या शहर छोड़ कर जा रहे हैं.

उधर अमरीका ने कहा है कि वो जापान में रहने वाले हज़ारों अमरीकी नागरिकों और सैनिकों के परिवारों को अमरीका भेजने की तैयारी कर रहा है.ये लोग होंशू द्वीप पर रहते हैं जहाँ अमरीकी सेना के कई अड्डे हैं.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि ऐसी आशंका कम ही है कि जापान में परमाणु विकिरण का असर अमरीका, हवाई या उसके अन्य इलाक़ों तक हो.

फ़्रांस अपने नागरिकों को निकालने के लिए विमान भेज रहा है. ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने अपने नागरिकों को टोक्यो छोड़ने की सलाह दी है.

संबंधित समाचार