शरीया अदालत में ग़ैर-मुस्लिम वकील मंज़ूर नहीं

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Image caption शरीया अदालतों में ग़ैर-मुस्लिमों को वकालत करने की इजाज़त नहीं.

मलेशिया में अदालत ने कहा है कि वहां की शरीया अदालत में ग़ैर इस्लामी धर्म के मानने वाले किसी वकील को वकालत करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है.

गुरूवार को राजधानी क्वालालंपूर में निचली अदालत के एक जज ने धार्मिक काउंसिल के उस फ़ैसले को सही ठहराया जिसमें शरीया अदालत में ग़ैर मुस्लिम वकीलों को वकालत करने का अधिकार देने की मनाही थी.

धार्मिक काउंसिल के इस फ़ैसले को चुनौती देते हुए ईसाई धर्म की मानने वाली एक महिला वकील विक्टोरिया जयसीली मार्टिन ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था.

लेकिन निचली अदालत ने भी धार्मिक काउंसिल के फ़ैसले को सही ठहराया और विक्टोरिया की अपील को ख़ारिज कर दिया.

विक्टोरिया ने कहा कि वो निचली अदालत के इस फ़ैसले को ऊँची अदालत में चुनौती देंगीं.

मलेशिया में मुसलमानों से जुड़े कुछ मामलों का फ़ैसला शरीया अदालतों मे होता है. लेकिन पिछले कुछ साल में ऐसे बहुत सारे उदाहरण सामने आए हैं जिनमें

मुसलमानों के अलावा ग़ैर-मुसलमानों से जुड़े मामलों की सुनवाई भी शरीया अदालतों में हुई है. ख़ासकर घरेलू मामले इन अदालतों में लाए जाते हैं.

विक्टोरिया जयसीली का कहना है कि वो ग़ैर-मुस्लिम मुवक्किलों के लिए वकालत करना चाहती हैं ताकि शरीया अदालत में उन्हें सही इंसाफ़ मिल सके.

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