लीबिया के ऊपर फ़्रांस के युद्धक विमान

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Image caption सार्कोज़ी ने कहा है कि फ़्रांसीसी वायु सेना लीबियाई सेना के किसी भी हमले का मुँहतोड़ जवाब देगी

लीबिया के ऊपर उड़ान निषिद्ध क्षेत्र लागू करने का अंतरराष्ट्रीय अभियान शुरू हो गया है.

फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने कहा है कि विद्रोहियों के क़ब्जे़ वाले शहर बेनग़ाज़ी के लोगों की रक्षा के लिए फ़्रांसीसी युद्धक विमान लीबियाई आकाश में उड़ने लगे हैं.

सार्कोज़ी का बयान कर्नल गद्दाफ़ी की सेना के बेनग़ाज़ी में प्रवेश करने की रिपोर्टें सामने आने के बाद आया है.

सार्कोज़ी ने कहा कि अपना भविष्य तय करने के अधिकार की माँग कर रहे अरब लोगों की सहायता करना फ़्रांस का कर्तव्य है.

उन्होंने कहा कि कर्नल गद्दाफ़ी शासन की 'हत्यारी सनक' के ख़िलाफ़ फ़्रांस अन्य अरब देशों के साथ मिल कर काम कर रहा है.

संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद में लीबिया के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित होने के बाद यह पहला मौक़ा है कि जब किसी विदेशी वायुसेना ने लीबियाई सीमा के भीतर उड़ान भरी है.

इससे पहले फ़्रांसीसी रक्षा सूत्रों ने बताया था कि फ्रांस की वायुसेना के विमानों ने पूरे लीबिया के ऊपर ख़ुफ़िया जानकारियाँ जुटाने के लिए भी एक अभियान में भाग लिया है. इस अभियान के दौरान फ़्रांसीसी विमानों को किसी तरह के ख़तरे का सामना नहीं करना पड़ा है.

लीबिया की सेना बेनग़ाज़ी में

इसस पहले ख़बर आई थी कि लीबिया सरकार की युद्धविराम की घोषणा के बावजूद ग़द्दाफ़ी समर्थक सेनाएँ विद्रोहियों के नियंत्रण वाले शहर बेनग़ाज़ी में दाख़िल हो गई हैं.

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Image caption विद्रोहियों का कहना है कि ये उनका विमान था (एएफ़पी फ़ोटो)

शनिवार को बेनग़ाज़ी के कई इलाक़ों में संघर्ष की भी ख़बरें आईं.

गद्दाफ़ी सरकार ने इन ख़बरों का खंडन किया था, लेकिन बाद में बेनग़ाज़ी में मौजूद बीबीसी के एक संवाददाता ने बताया कि शहर के दक्षिण-पश्चिमी भाग में गद्दाफ़ी समर्थक टैंकों और भारी हथियारों के साथ लड़ाई में जुटे हुए हैं.

हिंसा बढ़ने के डर से बड़ी संख्या में लोग बेनग़ाज़ी से पलायन कर रहे हैं.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कर्नल गद्दाफ़ी पर युद्धविराम के वायदे को तोड़ने का आरोप लगाया है. कैमरन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए तुरंत कार्रवाई करने का मौक़ा आ गया है.

इससे पहले वहाँ एक युद्धक विमान को मार गिराया गया. विद्रोहियों का कहना है कि यह उनका विमान था जिसे गद्दाफ़ी समर्थकों ने मार गिराया.

बेनग़ाज़ी से विद्रोहियों के एक नेता ने बताया है कि शहर में टैंकों और भारी हथियारों के साथ गद्दाफ़ी समर्थक सैनिक प्रवेश कर चुके हैं.

महत्वपूर्ण बैठक

लीबिया संकट पर पेरिस में एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही है जिसमें नो फ़्लाई ज़ोन के सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देश भाग ले रहे हैं.

संयुक्तराष्ट्र महासचिव बान की मून भी ब्रिटेन, अमरीका, फ़्रांस और अरब देशों के नेताओं के साथ इस बैठक में शामिल हैं.

मून का कहना है कि दुनिया को लीबिया के बारे में 'एक सुर' में बोलना चाहिए.

दूसरी ओर लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी ने चेतावनी दी है कि लीबिया में किसी भी तरह के हस्तक्षेप के लिए पश्चिमी देशों को पछताना पड़ेगा.

लेकिन गद्दाफ़ी की धमकियों पर ध्यान नहीं देते हुए फ़्रांस ने जहाँ अपनी वायुसेना को लीबिया के ऊपर उड़ान भरने का आदेश दे दिया है, वहीं ब्रिटेन, फ़्रांस और अन्य कई देश अपने विमान भूमध्यसागरीय इलाक़ों में तैनात करना शुरू कर चुके हैं.

संयुक्तराष्ट्र में फ़्रांस के दूत ने कहा है कि पेरिस बैठक ख़त्म होने के कुछ ही घंटों के भीतर लीबिया के नागरिकों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सैनिक कार्रवाई शुरू हो सकती है.

उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव पारित कर नागरिकों की सुरक्षा के लिए 'हर ज़रूरी क़दम' उठाए जाने को अधिकृत कर दिया था.

ओबामा का अल्टीमेटम

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि ग़द्दाफ़ी समर्थक सेनाएँ या तो विद्रोहियों के इलाक़ों पर हमला करना बंद करें या सैन्य कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हो जाएँ.

ओबामा ने कहा, "ग़द्दाफ़ी को अपनी सैन्य टुकड़ियाँ बेनग़ाज़ी की ओर बढ़ने से रोकनी होंगी, उन्हें अजदाबिया, मिस्राता और ज़ाविया से वापस बुलाना होगा और सभी क्षेत्रों में पानी,बिजली और गैस की आपूर्ति बहाल करनी होगी".

लेकिन प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अमरीकी थल सेना के इस्तेमाल से इनकार कर दिया.

इससे पहले सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव पारित होते ही कर्नल ग़द्दाफ़ी की सरकार ने एकतरफ़ा युद्धविराम का ऐलान किया था.

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