अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने मिसाइलें दागीं

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लीबिया में नो-फ़्लाई ज़ोन लागू करने की प्रक्रिया के तहत फ़्रांसीसी विमानों ने लीबिया में हवाई हमला किया है. इसके बाद अमरीका और ब्रिटेन भी इन हमलों में शामिल हो गए.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने बताया है कि लीबिया पर 100 से ज़्यादा क्रूज़ मिसाइलें दागी गई हैं.

फ़्रांसीसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पहला निशाना एक लीबियाई सैन्य वाहन था. हमले में कई टैंक नष्ट हो गए.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लीबिया में नो फ़्लाई ज़ोन बनाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी मिली है. इस प्रस्ताव के बाद लीबिया पर सैन्य कार्रवाई का ये पहला मामला है.

इससे पहले फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने कहा था कि इन विमानों को इसलिए भेजा गया है ताकि लीबियाई नागरिकों की रक्षा की जा सके और कर्नल गद्दाफ़ी के सैनिक बेनगाज़ी पर हमला न कर सकें.

गद्दाफ़ी का आक्रामक रुख़

लीबिया में जैसे ही सैन्य कार्रवाई शुरू हुई लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी ने कहा कि भूमध्यसागर और उत्तर अफ्रीका युद्ध क्षेत्र में बदल गए हैं.

उन्होंने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में जिस तरह से नागरिकों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है वह ख़तरनाक साबित हो सकता है.

राष्ट्रीय टेलीविज़न पर प्रसारित अपने संदेश में उन्होंने कहा कि शस्त्रागारों को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा ताकि लोग ‘उपनिवेशवादी हमलों’ से अपनी रक्षा कर सकें.

फ़्रांसीसी युद्धक विमान लीबियाई आकाश में उड़ान भर रहे हैं.अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि नो-फ़्लाई ज़ोन लागू करने के लिए अमरीका अपनी क्षमता का इस्तेमाल करेगा. उन्होंने कहा कि इसमें और देरी हुई तो नागरिकों की जान को ख़तरा होगा.

कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा है कि नौसेना भी नाकेबंदी करेगी. कर्नल गद्दाफ़ी संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को अवैध करार दिया है. वहीं रूस ने लीबिया में पश्चिमी देशों की सैन्य कार्रवाई पर अफ़सोस जताया है.

इस बीच विद्रोहियों के कब्ज़े वाले बेनगाज़ी शहर में नेताओं का कहना है कि गद्दाफ़ी के सैनिकों ने वहाँ हमले किए हैं.

पत्रकारों के मुताबिक सड़कों पर टैंक देखे जा सकते हैं और यूनिवर्सिटी के आस-पास लड़ाई हुई है. विद्रोहियों का कहना है कि कई सड़कों पर वाहन जमा हैं और लोग डरे हुए हैं.

लेकिन लीबिया सरकार ने हमले की बात से इनकार किया है. शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा है कि बेनगाज़ी में लड़ाई छिड़ने के बाद उसे आशंका है कि लीबिया से दो लाख लोग भाग जाएँगे.

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