लीबिया के बेनगाज़ी शहर पर हमले की रिपोर्टें

  • 19 मार्च 2011
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Image caption बेनग़ाज़ी में युद्धक विमान को मार गिराया गया है (एएफ़पी फ़ोटो)

लीबिया सरकार की युद्धविराम की घोषणा के बावजूद ग़द्दाफ़ी समर्थक सेनाएँ विद्रोहियों के नियंत्रण वाले शहर बेनगाज़ी में दाख़िल हो गई हैं.

वहाँ मौजूद बीबीसी संवाददाता इयन पैनेल के मुताबिक शहर के ऊपर मंडरा रहे एक जेट को मार गिराया गया है, हालाँकि संयुक्त राष्ट्र ने इसे नो फ़्लाई ज़ोन क़रार दिया है.

विद्रोहियों का कहना है कि उन पर ग़द्दाफ़ी समर्थक सैनिक हमले कर रहे हैं लेकिन सरकार ने इन दावों को ग़लत बताया है.

उधर, ब्रिटेन, अमरीका, फ़्रांस और अरब देशों के नेता संयुक्त राष्ट्र के एक नए प्रस्ताव के तहत लीबिया के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई पर बात करने के लिए पैरिस में मिलने वाले हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. उनका कहना था कि दुनिया को लीबिया के बारे में 'एक सुर' में बोलना चाहिए.

बृहस्पतिवार को सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव पारित कर नागरिकों की सुरक्षा के लिए 'हर ज़रूरी क़दम' उठाए जाने को अधिकृत कर दिया था.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि ग़द्दाफ़ी समर्थक सेनाएँ या तो विद्रोहियों के इलाक़ों पर हमला करना बंद करें या सैन्य कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हो जाएँ.

ओबामा ने कहा, "ग़द्दाफ़ी को अपनी सैन्य टुकड़ियाँ बेनग़ाज़ी की ओर बढ़ने से रोकनी होंगी, उन्हें अजदाबिया, मिस्राता और ज़ाविया से वापस बुलाना होगा और सभी क्षेत्रों में पानी,बिजली और गैस की आपूर्ति बहाल करनी होगी".

लेकिन प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अमरीकी थल सेना के इस्तेमाल से इनकार कर दिया.

शुक्रवार को कर्नल मुअम्मर ग़द्दाफ़ी की सरकार ने एकतरफ़ा संधि का ऐलान किया था लेकिन इस तरह की रिपोर्टें थीं कि जिन शहरों पर विद्रोहियों का क़ब्ज़ा है वहाँ सरकारी हमले जारी हैं.

बेनग़ाज़ी में बीबीसी संवाददाता इयन पैनेल का कहना है कि शनिवार को तड़के पश्चिम में ज़ोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं और ऊपर आसमान में एक जेट उड़ता देखा गया. हालाँकि यह कहना मुश्किल है कि यह कर्नल ग़द्दाफ़ी की सेना के ज़रिए किया गया हमला था.

हमारे संवाददाता का कहना है कि अगर यह हमला है तो यह एक गंभीर बात है और इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर यह दबाव बढ़ेगा कि वह तुरंत सैन्य कार्रवाई करे.

कर्नल ग़द्दाफ़ी के युद्धविराम जारी करने के बाद से दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर इसके उल्लंघन का आरोप लगाते आ रहे हैं.

सुरक्षा परिषद में हुए मतदान में तत्काल युद्धविराम की मांग की गई और सेना के इस्तेमाल का अनुमोदन किया गया जिसमें ग़द्दाफ़ी की सेना को विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इलाक़े पर हमले से रोकने के लिए एक नो फ़्लाई ज़ोन की अवधारणा भी शामिल है.

समझा जा रहा है कि ब्रितानी और फ़्रांसीसी सेनाएँ, और साथ ही उनके कुछ अरब सहयोगी, प्रारंभिक हवाई हमलों में प्रमुख भूमिका निभाएँगे.

संयुक्त राष्ट्र में फ़्रांस के राजदूत जेरार्ड अराउड ने बीबीसी से कहा कि वह शनिवार के सम्मेलन के कुछ घंटे के भीतर ही सैन्य कार्रवाई शुरू होने की अपेक्षा कर रहे हैं.

इस बैठक में शामिल ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि ब्रिटेन के विमानों को इलाक़े में स्थित अड्डों तक ले जाया जा रहा है.

उन्होंने कहा, "घड़ी की सुइयाँ बढ़ रही हैं और हमें तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा".

शिखर सम्मेलन की मेज़बानी फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सरकोज़ी करेंगे और अमरीकी विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन ओबामा प्रशासन का प्रतिनिधित्व करेंगी.

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