मृतकों की संख्या 20 हज़ार तक

  • 21 मार्च 2011
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Image caption भूकंप पीड़ित अपने लापता रिश्तेदारों का इंतज़ार कर रहे हैं लेकिन उम्मीद कम ही है

जापान के अधिकारियों का कहना है कि नौ दिन पहले आए भूकंप और सूनामी से मरने वालों की संख्या बीस हज़ार से अधिक पहुंच सकती है.

सुनामी से उत्तरी जापान में हुए विनाश में अब तक आठ हज़ार से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है और 12 हज़ार लोग अब भी लापता हैं. अगर ये संख्या कुछ घटती भी है तो भी दूसरे विश्वयुद्ध के बाद से इसे जापान की सबसे बड़ी विपत्ति कहा जाएगा.

फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र से कुछ बेहतर ख़बर ज़रूर है. अधिकारियों का कहना है कि तीसरे नंबर के रिएक्टर में दबाव का स्तर स्थिर होता जा रहा है इसलिए एक और विस्फोट से बचने के लिए उन्हे रेडियोधर्मी भाप छोड़नी नहीं पड़ेगी.

संयंत्र में बिजली की सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जा रही है. अगर ऐसा हो पाता है तो रिएक्टर को ठंडा करने की प्रणाली को चालू किया जा सकेगा.

दो संयंत्रों में बिजली बहाल

बचावकार्य में जुटे अधिकारियों का कहना है कि छह में से दो संयंत्रों में बिजली बहाल कर दी गई है. इससे विकिरण करने वाले पदार्थों को ठंडा रथने में मदद मिलेगी.

इस बीच जापानी टेलीविज़न पर एक बुज़ुर्ग महिला को उसके मकान के मलबे से निकालने की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं.

सूनामी ने जब उनके तटवर्ती नगर इशिनोमाकी को अपनी चपेट में लिया तो 80 वर्षीय याइको किकूची अपने पोते के साथ रसोईघर में फंस गईं. आख़िरकार जब उधर से पुलिसकर्मियों का एक दल गुज़र रहा था तो उनके पोते ने मदद की गुहार लगाई और उन्हे मलबे से निकाल लिया गया.

उन्होंने बचावकर्मियों को बताया कि किस तरह दोनों ने दही खाकर काम चलाया.

इस बीच तटवर्ती नगर कामाइशी में लोग अपने घरों के मलबे से चीज़ें ढूंढने में लगे हैं.

प्रशासन लाउड स्पीकर पर बराबर घोषणा कर रहा है कि लोग नगर के मुर्दाघर में आकर अपने परिजनों के शवों की शिनाख़्त करें.

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