त्रिपोली पर और हमले, पूर्वी लीबिया में लड़ाई जारी

  • 22 मार्च 2011
त्रिपोली में हवाई हमला इमेज कॉपीरइट Reuters (audio)
Image caption युद्धविराम की सरकारी घोषणा के बावजूद गद्दाफ़ी और विद्रोहियों के बीच लड़ाई जारी है

लीबिया में सरकार का कहना है कि हवाई हमलों की तीसरी रात कई और लोगों की मौत हुई है. लीबिया पर 'नो-फ़्लाई ज़ोन' लागू कर रही गठबंधन की सेनाओं ने त्रिपोली पर मिसाइल और हवाई जहाज़ों से हमले किए हैं.

त्रिपोली में कर्नल गद्दाफ़ी के ठिकाने से धमाकों और विमानभेदी गोलीबारी की आवाज़ें सुनी गई हैं.

त्रिपोली में बीबीसी संवाददाता एलन लिटल के अनुसार सोमवार रात त्रिपोली का आसमान विमानभेदी गोलीबारी से जगमगाता रहा. बीबीसी संवाददाता ने एक बड़े धमाके की आवाज़ भी सुनी.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार कर्नल गद्दाफ़ी के 'बाब अल-अज़ीज़िया' अहाते के नज़दीक से एक धमाके की आवाज़ सुनी गई है.

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Image caption लीबिया में सरकार के प्रवक्ता ने सिर्ते हवाई अड्डे पर हमले में कई लोगों के मारे जाने की बात कही है.

सरकार की युद्धविराम की घोषणा के बावजूद गद्दाफ़ी समर्थक सेना और विद्रोहियों के बीच भी जंग जारी है. लीबिया के पूर्व में गद्दाफ़ी की सेना ने विद्रोहियों को एक बार फिर अजदाबिया शहर से बाहर धकेल दिया है.

लीबिया के सरकारी टीवी पर 'कई नए हमलों की जानकारी' दी गई.

लीबिया के एक सरकारी प्रवक्ता इब्राहीम मूसा ने कहा कि सिर्ते हवाई अड्डे पर हुए एक हवाई हमले में 'कई लोग'मारे गए हैं. लेकिन इस ख़बर की पुष्टि नहीं हो पाई है.

त्रिपोली से 200 किलोमीटर पूर्व में स्थित मिस्राता शहर में भीषण लड़ाई जारी है. वहां मौजूद विद्रोहियों का कहना है कि पिछले चार दिनों से गद्दाफ़ी सर्मथक सेना उनपर हवाई हमले कर रही है.

अमरीका एक पार्टनर की भूमिका निभाएगा

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Image caption चिली के दौरे पर गए ओबामा ने कहा है कि अमरीका लीबिया में एक सहयोगी की भूमिका निभाएगा.

उधर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमरीका जल्द ही लीबिया में गद्दाफ़ी के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को लागू करने का नेतृत्व नेटो के हवाले कर देगा. लेकिन फ़्रांस और तुर्की लीबिया पर 'नो-फ़्लाई ज़ोन' लागू करने के अभियान का नेतृत्व नेटो के देने का विरोध कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया में गद्दाफ़ी की सेना से आम लोगों को बचाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है.

चिली की यात्रा पर गए बराक ओबामा ने कहा कि जैसे ही शुरूआती लक्ष्य पूरे कर लिए जाएंगे तो 'हफ़्तों नहीं, कुछ दिनों के भीतर' नो-फ़्लाई ज़ोन को लागू करने की ज़िम्मेदारी का स्थानान्तरण कर दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि अमरीका कई अन्य देशों के साथ इस में एक सहयोगी की भूमिका निभाएगा.

बराक ओबामा ने कहा, "लीबिया में परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं. और स्थानान्तरण कितनी जल्दी होता है इसका फ़ैसला वहां स्थित हमारे कमांडरों के सुझाव पर निर्भर करेगा."

ओबामा ने ये भी कहा कि अमरीका पहले 'बिना किसी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के एकतरफ़ा कार्रवाईयां' कर चुका है जिसके कारण उसे युद्ध का सारा भार ख़ुद पर झेलना पड़ा है.

रूस की दौरे पर गए अमरीकी विदेशंत्री रॉबर्ट गेट्स ने भी कहा है कि अमरीका जल्द ही लीबिया में अपनी भागेदारी कम करेगा.

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