'जल्दी ही नष्ट होगी सैन्य ताकत'

  • 24 मार्च 2011
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Image caption लीबिया पर पश्चिमी देशों ने ताबड़तोड़ हमले जारी रखे हैं.

फ्रांस के विदेश मंत्री एलेन ज़ुप ने कहा है कि लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी की सैन्य शक्ति को कुछ दिनों में या हफ़्तों में नष्ट कर दिया जाएगा और इस काम में महीनों नहीं लगने वाले हैं.

ज़ुप ने लीबिया पर बमबारी अभियान की गति का बचाव किया और कहा कि किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि गद्दाफ़ी की सेनाओं को एक हफ़्ते से कम समय में नष्ट किया जा सकेगा.

अमरीका के नेतृत्व में ब्रिटेन और फ्रांस ने लगातार पांचवे दिन बमबारी जारी रखी है और राजधानी त्रिपोली में कई स्थानों पर धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं.

राजधानी के ताजुरा इलाक़े में एक सैन्य अड्डे के पास से धुआं उठता हुआ देखा जा सकता है.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बुधवार की देर रात सरकारी टैंकों ने मिसराता में उन अस्पतालों पर भी गोलाबारी की जिन पर विद्रोहियों का नियंत्रण था.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हवाई हमलों के बाद गद्दाफी की सेना के टैंक थोड़ा पीछे भी हटे थे.

अलग अलग जगहों से आ रही रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि अजबदिया शहर में भी विद्रोहियों और गद्दाफ़ी की सेनाओं के बीच भयंकर संघर्ष जारी है.

मिसराता में पिछले कई हफ्तों से संघर्ष चल रहा है.

आम लोगों को नुकसान नहीं

इससे पहले लीबिया में पश्चिमी देशों के मिशन के अमरीकी प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा है कि पश्चिमी देशों के हवाई हमलों में आम लोगों के मरने की कोई रिपोर्ट नहीं है.

रियर एडमिरल गेरार्ड ह्यूबर की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब गद्दाफ़ी सरकार ने बार बार दावा किया है कि हवाई हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे जा रहे हैं.

पूर्व में ब्रिटेन के एयर वाइस मार्शल ग्रेग बैगवैल ने कहा है कि कर्नल गद्दाफ़ी की वायु सेना में अब कोई दम नहीं बचा है.

रियर एडमिरल ह्यूबर ने संवाददाताओं से फोन पर बात करते हुए कहा कि हवाई हमले गद्दाफ़ी की वफादार सेनाओं पर किए जा रहे हैं ताकि उनका मनोबल टूटे.

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा मिशन लीबिया में आम जनता को बचाना है और हमने अपने निशाने खोज रखे हैं और उसी के हिसाब से काम कर रहे हैं.’’

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Image caption लीबिया पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं.

एडमिरल के अनुसार लड़ाकू विमानों ने 175 उड़ानें भरी हैं जिसमें से 113 उड़ानें अमरीकी विमानों की हैं.

ह्यूबर की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब नैटो के सदस्य इस बात पर बहस कर रहे हैं कि इस मिशन की अगुआई किसके हाथ में होगी. अमरीका यह मिशन नैटो के हाथ में सौंपना चाहता है लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी है.

ब्रितानी एडमिरल बैगवैल ने कहा कि अब लीबिया के आसमान पर पश्चिमी देशों के विमानों को कोई ख़तरा नहीं दिखता है.

इटली में लड़ाकू विमानों के एक अड्डे पर बैगवैल ने कहा, ‘‘ हम कोशिश कर रहे हैं कि लीबिया में लोगों को बचाया जाए.’’

इस बीच अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने गद्दाफ़ी से अपील की है कि वो सत्ता छोड़ दें.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान कि मून ने भी लीबिया में सभी पक्षों से अपील की है कि वो संघर्ष छोड़ें.

उनका कहना था, ‘‘ जो कोई भी अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है उनकी ज़िम्मेदारी तय की जाएगी.’’

इस बीच नेटो देशों की नौसेना ने लीबिया के समुद्र तटों को घेर लिया है ताकि गद्दाफ़ी के लिए हथियारों की आपूर्ति को रोका जा सके.

पश्चिमी सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता कनाडा के ब्रिगेडियर जनरल पियरे सेंट अमांड का कहना है कि छह जहाज़ समुद्र तट की गश्त लगा रहे हैं.

इन जहाज़ों को ये देखना है कि लीबिया सरकार को समुद्र के रास्ते हथियारों की आपूर्ति न हो.

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