मस्जिद के बाहर फ़ायरिंग में मृतकों की संख्या 18 हुई

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Image caption सीरिया में 50 साल से जारी आपातकाल क़ानूनों का विरोध हो रहा है

सीरिया से आ रही रिपोर्टों में कहा गया है कि बुधवार को डेरा शहर में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की फ़ायरिंग में 18 लोग मारे गए थे.

कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि 25 लोग मारे गए थें लेकिन इन रिपोर्टों की पुष्टि नहीं हुई है.

ट्यूनिशिया और मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद से मध्य पूर्व के कई देशों में सरकारी विरोधी प्रदर्शन भड़के हैं और सीरिया की वर्तमान घटनाएँ भी इसी घटनाक्रम का हिस्सा हैं.

मध्यपूर्व में विद्रोह की आंधी क्यों?

प्रदर्शनकारी सत्ताधारी बाथ पार्टी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं और चाहते हैं कि और राजनीतिक स्वतंत्रता और अधिकार दिए जाएँ और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो.

मस्जिद के बाहर फ़ायरिंग

बुधवार को डेरा की ओमारी मस्जिद सरकार विरोधी प्रदर्शनों का केंद्र बनी हुई थी और सैकड़ों प्रदर्शनकारी मस्जिद के बाहर सड़कों पर जमा थे जब सुरक्षा बलों ने फ़ायरिंग शुरु कर दी.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को बताया है कि उसने डेरा के मुख्य अस्पताल में कई शव देखे हैं.

लेकिन सरकार ने हिंसा के लिए एक सशस्त्र गुट को दोषी ठहराया था.

इससे पहले प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों के दौरान छह प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी और डेरा शहर के आसपास के गावों के सैकड़ों युवक उनके ही नमाज़े जनाज़ा में शामिल होने के लिए जमा हुए थे.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने बुधवार की हिंसा की पारदर्शी जाँच की मांग की है और ये भी कहा है कि इसके लिए जो लोग ज़िम्मेदार हैं उन्हें सज़ा दी जाए.

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा है, "सीरिया की सरकार के हिंसा, धमकियों और गिरफ़्तारियों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने से हम चिंतित हैं."

बुधवार को संयु्क्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त नवी पिल्लेई ने कहा है, "सीरिया की सरकार ज़रूरत के ज़्यादा बल के प्रयोग से बाज़ आए और क्योंकि सरकार के सामने अपनी समस्याओं पर विचार और माँगे रखना लोगों का वैध अधिकार है."

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