फ़ुकुशिमा में रिएक्टर क्षतिग्रस्त होने की आशंका

फ़ुकुशिमा में कर्मचारी
Image caption दो कर्मचारियों को विकिरण के प्रभाव में आने के कारण अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

भूकंप और सुनामी में क्षतिग्रस्त हुए जापान के फ़ुकुशिमा संयंत्र को चलाने वाली कंपना का कहना है कि संयंत्र के पानी में सामान्य की तुलना में विकिरण का स्तर दस हज़ार गुना ज़्यादा है.

'रिएक्टर 3' से विकिरण के जिस ख़तरनाक स्तर का पता चला है उससे इस बात की प्रबल आशंका है कि रिएक्टर वेसेल ख़राब हुआ है.

फ़ुकुशिमा में इंजीनियर जेनरेटरों को दोबारा चालू करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि रिएक्टरों को ठंडा रखने वाली महत्त्वपूर्ण मशीनें फिर से काम कर पाएं.

संयंत्र को चलाने वाली 'टोक्यो इलैक्ट्रिक कंपनी' यानी टेपको ने कहा है कि फ़ुकुशिमा में सब कुछ ठीक होने में फ़िलहाल एक महीने का वक़्त लग सकता है.

मरने वालों की संख्या बढ़ी

दो सप्ताह पहले जापान में आए भूकंप और सुनामी में मरने वालों की आधिकारिक संख्या अब 10 हज़ार से ऊपर हो गई है. पुलिस के रिकॉर्ड में अब भी 17,440 लोग लापता और 2,775 घायल हैं.

इस संयंत्र में काम कर रहे दो कर्मचारियों को उच्च स्तरीय विकिरण के प्रभाव में आने के कारण अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

इन लोगों ने ठीक तरह से सुरक्षित जूते नहीं पहने थे और उनके पैर इस पानी में भीग गए थे.

जापान सरकार ने आपात स्थिति में काम करने वालों के लिए नए सुरक्षा प्रावधानों की घोषणा की है.

कंपनी के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "हम अब भी क्षति का आंकलन करने की प्रक्रिया में हैं, इसलिए सबकुछ ठीक होने की समयसीमा तय नहीं कर सकते. "

हालांकि टोक्यो के पानी में विकिरण का स्तर कम हुआ है लेकिन उत्तरी जापान के अन्य इलाक़ों में ये अब भी काफ़ी अधिक है.

जापान की समाचार एजेंसी क्योडो के अनुसार संयंत्र से तीस किलोमीटर दूर पाए गए विकिरण स्तर में बढ़ोतरी हुई है.

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