'लीबिया को दिया आज़ादी का मौका'

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लीबिया का भविष्य तय करने के लिए लंदन में जारी एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि गठबंधन सेनाओं के अभियान ने बेनग़ाज़ी में नरसंहार को रोका है और लीबिया के लोगों को आज़ादी का एक मौका दिया है.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संबोधित करते हुए डेविड कैमरन ने कहा कि मिसराता शहर में स्थितियां अब भी बदतर हैं क्योंकि कर्नल गद्दाफ़ी समर्थित सैनिक बड़े पैमाने पर हत्याएं करने को उतारु हैं.

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि लीबिया में सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कर्नल गद्दाफ़ी आम लोगों पर हमले करना बंद नहीं करते और नागरिकों तक मानवीय मदद पहुंचाने की रज़ामंदी नहीं देते.

'गद्दाफ़ी का सत्ता में बने रहना ख़तरनाक'

क्लिंटन ने कहा कि कर्नल गद्दाफ़ी पर बनाया जा रहा कूटनीतिक और राजनीतिक दबाव यह स्पष्ट कर देगा कि उन्हें सत्ता छोड़ देनी चाहिए.

इस बीच सरकार समर्थित सेना ने विद्रोहियों पर हमले तेज़ कर दिए हैं और उन्हें महत्वपूर्ण शहर बिन जावद से खदेड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

बिन जावद में मौजूद बीबीसी संवाददाता निक स्प्रिंगगेट का कहना है कि कई सौ गाड़ियां शहर के पूर्वोत्तर हिस्से की तरफ भागती हुई देखी गईं जो विद्रोहियों के कब्ज़े में है.

कितनी कठिन है त्रिपोली की राह

त्रिपोली के नज़दीकी शहर मिसराता में भी गद्दाफ़ी समर्थित सेना की ओर से घातक हमले किए जा रहे हैं.

लगभग 35 देशों के विदेश मंत्रियों की भागादारी वाले इस सम्मेलन में कई धार्मिक संगठनों के नेता भी शामिल हैं.

इस सम्मेलन का मकसद है लीबिया पर सैन्य कार्रवाई के गठबंधन सेनाओं के फैसले को मज़बूत आधार देना और लीबिया का राजनीतिक भविष्य तय करना.

इस सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन के विदेश सचिव विलियम हेग ने गद्दाफ़ी की ओर संकेत करते हुए यह भी कहा कि जिन लोगों ने आम लोगों पर इस तरह के अपराध किए हैं उन्हें अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के सामने पेश होना चाहिए.

हालांकि उन्होंने कहा कि कर्नल गद्दाफ़ी के भविष्य का फ़ैसला अंतत: लीबिया के लोगों को ही करना होगा.

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