लीबिया में विद्रोहियों को हथियार,सारे विकल्प खुले हैं:ओबामा

बराक ओबामा इमेज कॉपीरइट Other
Image caption लीबिया पर हवाई हमले के बाद भी विद्रोहियों को बहुत ज़्यादा सफलता नहीं मिल रही है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वो लीबिया में विद्रोहियों को हथियार मुहैया कराने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं कर सकते.

अमरीकी टेलीविज़नों को दिए गए साक्षात्कार में ओबामा ने कहा कि वो इसका आकलन कर रहे है कि विद्रोहियों को किस प्रकार की मदद की ज़रुरत है.

उन्होंने ये भी कहा कि लीबिया पर लगे प्रतिबंध और गठबंधन सेना के ज़रिए लीबिया पर किए गए हवाई हमले से गद्दाफ़ी की ताक़त काफ़ी कम हो गई है और उन्हें उम्मीद है कि आख़िरकार गद्दाफ़ी सत्ता छोड़ देंगे.

लेकिन गद्दाफ़ी की वफ़ादार सेना ने विद्रोहियों को कई महत्वपूर्ण इलाक़ों से पीछे धकेल दिया है जिसे विद्रोहियों ने पिछले कुछ दिनों में अपने क़ब्ज़े में कर लिया था.

अंतरराष्ट्रीय सेनाओं के हवाई हमलों के बाद विद्रोहियों ने रास लानूफ़, ब्रेगा, उक़ैला और बिन जावाद पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था और गद्दाफ़ी समर्थक सेनाओं को पीछे हटना पड़ा था लेकिन ताज़ा जानकारी के मुताबिक़ गद्दाफ़ी समर्थकों ने उन क्षेत्रों पर दोबारा क़ब्ज़ा कर लिया है.

उल्लेखनीय है कि ट्यूनिशिया और मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद, लगभग डेढ़ महीने पहले लीबिया में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरु हुए थे जिन्होंने बाद में कर्नल गद्दाफ़ी की सरकार के ख़िलाफ़ विद्रोह का रूप ले लिया है.

जब कर्नल गद्दाफ़ी ने विद्रोहियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग किया तो अनेक देशों ने इसकी निंदा की थी.

फिर फ़्रांस, ब्रिटेन की पहल और अमरीका के समर्थन से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लीबिया पर 'नो फ़्लाई ज़ोन' क़ायम करने का प्रस्ताव पारित किया जिसके बाद लीबियाई सैन्य ठिकानों पर अन्तरराष्ट्रीय गठबंधन सेना ने हवाई हमले शुरु कर दिए.

'सारे विकल्प खुले'

साक्षात्कार के दौरान बराक ओबामा से जब बार बार ये पूछा गया कि क्या वो लीबिया में विद्रोहियों को अमरीकी हथियार मुहैया कराएंगे, इस बार ओबामा ने कहा कि उनके लिए सारे विकल्प खुले हैं.

ओबामा ने कहा कि, ''मैं इस संभावना ने इनकार नहीं कर रहा हूं लेकिन मैं इसे स्वीकार भी नही कर रहा हूं. सभी विकल्पों की जांच हो रही हैं.''

ओबामा ने इस बात की पुष्टि कर दी की अमरीका विद्रोहियों को मानवीय मदद, दवाएं और संचार उपकरण देना जारी रखेगा.

ओबामा ने इस बात पर बल दिया कि लीबिया पर सैनिक कार्रवाई का मतलब ये नहीं है कि सीरिया या और दूसरे देश जहां सरकार विरोधी प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबा दिया गया है,वहां भी सैनिक कार्रवाई हो सकती है.

उन्होंने कहा कि लीबिया के हालात बिल्कुल अनोखे थे जहां आम नागरिकों की जान बचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत एक अन्तरराष्ट्रीय गठबंधन सामने आया था.

उनके अनुसार अमरीका की सेना पहले से ही बहुत फैली हुई है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि लीबिया में नागरिकों की जान बचाने के लिए वहां हस्तक्षेप करने के संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के तहत विद्रोहियों को हथियार मुहैया कराने की भी इजाजत है लेकिन अभी अमरीका ने इस बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा कि लीबिया में नागरिकों को अपनी जान बचाने के लिए वहां हथियार भेजने से लीबिया पर लगे मौजूदा प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं होता.

लेकिन फ़्रांस के विदेश मंत्री ऐलन जूप्पे ने कहा है कि इसके लिए संयुक्त राष्ट्र से एक नए प्रस्ताव को पारित कराने की ज़रूरत होगी.

मंगलवार को लंदन सम्मेलन में विदेश मंत्रियों की बैठक में गद्दाफ़ी के बाद लीबिया के भविष्य के बारे में बातचीत करने के लिए अरब देशों समेत एक नए समूह के गठन का फ़ैसला लिया गया है.