लीबिया में नेटो हमलों में 12 नागरिक मरे

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Image caption नेटो के हमलों मे कई वाहन भी ध्वस्त हुए.

लिबिया में विद्रोहियों के काफ़िले पर हुए नेटो के हवाई हमलों में 12 नागिरक मारे गए हैं.

शुक्रवार की देर रात पूर्वी शहर ब्रेगा और अजदाबिया के बीच से गुज़र रहे विद्रोहियों के क़ाफ़िले पर ये हवाई हमला हुआ.

अजदाबिया के एक अस्पताल के डॉक्टर के मुताबिक मृतकों में तीन मैडिकल छात्र भी शामिल हैं.

घटना स्थल से बीबीसी संवाददाता निक स्प्रिंगेट का कहना है कि ब्रेगा की ओर जा रहे विद्रोहियों ने हवा में एंटी एयरक्राफ्ट गन से फ़ायरिंग की थी, जिसके बाद नेटो का हमला हुआ.

संवाददाता का ये भी कहना है कि हमले की जगह सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए, जिन्हें देख कर ऐसा लगता है कि नेटो के ए-10 विमानों से गोलाबारी की है.

भूल या रक्षात्मक हमला

सड़क के दोनों तरफ़ मृतकों की लाशों के साथ चार पिकअप ट्रक और एक एंबुलैंस वाहन भी ध्वस्त पड़े हैं.

निक स्प्रिंगेट के मुताबिक ऐसा लगता है कि विद्रोहियों ने एंटी एयरक्राफ़्ट गन ख़ुशी मनाने के लिए हवा में चलाई होगी. जिसके बाद नेटो के विमान ने उस क़ाफ़िले को निशाना बनाया होगा .

नेटो ने एक वक्तव्य में घटना की जांच करवाने का वादा करते हुए कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर तरह की एहतियात बरती जाती है.

साथ ही नेटो का ये भी कहना था कि ' फ़ायरिंग के जवाब मे नेटो के विमानों को रक्षात्मक कार्रवाई का अधिकार' है.

वक्तव्य में ये भी कहा गया है कि विश्वस्त सूत्रों की ग़ैर मौजूदगी में ब्यौरे की सही तौर पर पुष्टि कर पाना भी मुश्किल है.

युद्ध विराम नामंज़ूर

उधऱ लीबिया सरकार विद्रोहियों की सशर्त युद्ध विराम की पेशकश को पहले ही ठुकरा चुकी है.

लीबिया सरकार के प्रवक्ता मूसा इब्राहिम ने इस पेशकश को 'पागलपन' क़रार देते हुए कहा कि गद्दाफ़ी समर्थक सैनिक विद्रोहियो के कब्ज़े वाले इलाकों से कभी भी वापस नहीं लौटेंगे.

मूसा इब्राहिम ने विद्रोहियों की युद्ध विराम की पेशकश को ठुकराते हुए कहा, ''ये लोग क़बायली और हिंसक हैं जिनका, कोई एक नेता नहीं है और इनके संबंध अल क़ायदा से है.''

उन्होंने गठबंधन सेना के हवाई हमलों को (मानवता के ख़िलाफ़ अपराध) बताते हुए ये आरोप भी लगाया कि इन हमलों में कई आम नागरिक भी मारे गए हैं.

शुक्रवार को विद्रोहियों की अंतरिम राष्ट्रीय परिषद के प्रमुख अब्दुल जलील इब्राहिम ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अब्देलिल्लाह अल ख़ातिब से पूर्वी शहर बेनगाज़ी में शांति स्थापना के बारे में विचार विमर्श किया था.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमें युद्ध विराम पर एतराज़ नहीं है पर शर्त ये है कि लीबिया के पश्चिमी शहरों में रहने वालों को अभिव्यक्ति की पूरी आज़ादी हो और विद्रोही कब्ज़े वाले शहरों से वापस लौट जाएं.)

उन्होंने कहा, ''हमारी मुख्य मांग मुअम्मर गद्दाफ़ी और उनके पुत्रों को लीबिया से बाहर निकालना है. हम इस मांग से पीछे नहीं हटेंगे.''

कुछ समय पहले प्रदर्शनकारियों पर हमले किए जाने के विरोध में इस्तीफ़ा दे चुके लीबिया के न्याय मंत्री अब्दुल जलील ने कहा कि गठबंधन सेना को विद्रोहियों को अस्त्र देने चाहिए.

हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया को शस्त्रों की बिक्री पर रोक लगा रखी है.

उन्होंने कहा, ''अगर गठबंधन सेना अंतरराष्ट्रीय प्रस्ताव के तहत लीबिया के नागरिकों को बचाना चाहती है तो उसे विद्रोहियों को शस्त्र देने चाहिए.''

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