गद्दाफ़ी का साथ छोड़ रहे है नेता

  • 1 अप्रैल 2011
लीबिया में लड़ाई इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption गद्दाफ़ी की दिक्क़ते बढ़ रही है उनके सहयोगी साथ छोड़ रहे हैं

लीबिया के शासक कर्नल मुअम्मर गद्दाफ़ी के नज़दीकी सहयोगियों के उनका साथ छोड़ने की ख़बरें आ रही है.

लीबिया शासन के एक नज़दीकी सलाहकार के हाल के दिनों में ब्रिटेन आकर वहां अधिकारियों से बातचीत करने की बात सामने आई है.

मुहम्मद इस्माईल, गद्दाफ़ी के पुत्र सैफ अल इस्लाम के नज़दीकी सलहकार हैं और बीबीसी के संवाददाता का कहना है कि वो ब्रिटेन में कर्नल गद्दाफ़ी के देश से सुरक्षित निकालने की रणनीति पर विचार कर रहे थे.

हालाकि ब्रिटेन की सरकार ने इन ख़बरों की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है.

बुधवार को लीबिया के विदेश मंत्री मूसा कूसा अपना देश छोड़कर ब्रिटेन आ गए थे, जिसके बाद क़यास लगाए जा रहे थे कि लीबिया की सरकार टूट की कगार पर है.

पलायन शुरु?

इस बीच अरबी टीवी स्टेशन अल जज़ीरा का कहना है कि कर्नल गद्दाफ़ी के कई नज़दीकी सहयोगी लीबिया छोड़ चुके हैं और ट्युनीसिया में विमान लेने के इंतज़ार में है. इन लोगों में गुप्तचर मंत्री, विदेश उपमंत्री और वहां की कॉग्रेस के स्पीकर शामिल है.

तेल मंत्री शुक्री ग़ुमान का नाम भी इस टीवी रिपोर्ट में लिया गया था हालांकि उन्होंने कहा है कि उनका लीबिया छोड़कर कही जाने का इरादा नहीं है.

इस बीच अली अब्दस्सलाम त्रेकी जिन्हें हाल में संयुक्त राष्ट्र में लीबिया का दूत नियुक्त किया गया था उन्होंने कहा है कि वो ये पद स्वीकार नहीं कर रहे और इस्तीफ़ा दे रहे हैं.

बड़ा धक्का

कूसा के गद्दाफ़ी का साथ छोड़ने को इस शासन के लिए बड़ा धक्का माना जा रहा है. अमरीकी सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि ये दिखाता है कि लीबिया के लोग जानते हैं कि वहां का शासन बुरी हालत में है और स्पष्ट करता है कि हवा किस ओर बह रही है.

पर लीबिया सरकार का कहना है कि कूसा का जाना उनका निजी फ़ैसला है जो उनके ख़राब स्वास्थ्य के मद्देनज़र उन्होंने लिया है. अमरीकी प्रशासन और उसके सहयोगी गद्दाफ़ी समर्थकों को दल बदलने के लिए उकसाते रहे हैं.

अब कूसा इन देशों को लीबिया की सोच और ताक़त का और अच्छा आकलन दे पाएंगे.

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