लड़ाई का अंत चाहते हैं गद्दाफ़ी: ग्रीस

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Image caption तुर्की का एक जहाज़ मिसराता से 250 से ज़्यादा घायलों को लेकर बेनग़ाज़ी पहुंचा है. कई लोग गंभीर रुप से घायल हैं.

ग्रीस ने लीबिया के उप विदेशमंत्री अब्दुल अतिअल ओबैदी के हवाले से कहा है कि कर्नल गद्दाफ़ी अब विद्रोह और हिंसा का हल चाहते हैं और चाहते हैं कि लड़ाई खत्म हो जाए.

अब्दुल अतिअल ओबैदी ने रविवार देर शाम उन्होंने ग्रीस के प्रधानमंत्री जॉर्ज पैपनड्रेयू से मुलाकात की.

इस मुलाकात के बाद ग्रीस के विदेश मंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि लीबियाई सरकार लगातार जारी संघर्ष का हल ढूंढने की कोशिश में जुटी है. उन्होंने बताया कि लीबिया के उप विदेशमंत्री सोमवार को तुर्की की कूटनीतिक यात्रा पर होंगे.

हालांकि लीबिया के अधिकारियों ने फिलहाल ओबैदी की इन गतिविधियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

इस बीच तुर्की का एक जहाज़ लीबिया के संघर्षरत शहर मिसराता से 250 से ज़्यादा घायलों को लेकर बेनग़ाज़ी पहुंचा है.

लड़ाई जारी

बेनग़ाज़ी पहुंचे इस जहाज़ पर सवार एक डॉक्टर के मुताबिक जहाज़ पर सवार कई घायलों की स्थिति बेहद गंभीर है.

इस बीच तेल संसाधनों के प्रमुख केंद्र ब्रेगा शहर में गद्दाफ़ी समर्थक सैनिकों और विद्रोहियों के बीच लड़ाई जारी है.

इलाके में मौजूद एक बीबीसी संवाददाता के मुताबिक होनों पक्षों के बीच यह गतिरोध भयावह स्थितियों को जन्म दे रहा है.

खबरों के मुताबिक गद्दाफ़ी समर्थक सैन्य दल ने शहर के महत्पूर्ण इलाकों में डेरा डाला हुआ है लेकिन नेटो की कार्रवाई के डर से वो विद्रोहियों पर हमले नहीं कर रहे हैं.

विद्रोहियों ने गद्दाफ़ी समर्थक सेना से लड़ने के लिए पश्चिमी सेनाओं से और मदद मांगी हैं.

मूसा कूसा से पूछताछ

उधर स्कॉटलैंड पुलिस ने ‘लॉकरबी बॉंबिंग’ मामले में पूछताछ के लिए ब्रिटेन में रह रहे लीबिया के पूर्व विदेशमंत्री मूसा कूसा से मिलने की अनुमति मांगी है.

ग़ौरतलब है कि लीबिया के पूर्व क़ानून मंत्री ने कर्नल गद्दाफ़ी पर साल 1988 में पैन अमेरिकन विमान को बम से उड़ाने का आदेश देने का आरोप लगाया था.

यह विमान लंदन से न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भर चुकी थी जब स्कॉटलैंड के लॉकरबी शहर के ऊपर उसमें बम धमाका हुआ. इस धमाके में 270 लोग मारे गए थे. विमान लॉकरबी शहर के रिहाईशी इलाक़े में गिरा था जहां कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और 11 स्थानीय लोग भी मारे गए थे.

मूसा कूसा पिछले हफ्ते कर्नल गद्दाफ़ी की सरकार का साथ छोड़कर ब्रिटेन आ गए थे. ‘लॉकरबी बॉंबिंग’ के दौरान पूर्व विदेशमंत्री मूसा कूसा खुफ़िया विभाग के प्रमुख अधिकारियों में थे.

इससे पहले लंदन में भी ब्रिटेन के अधिकारियों ने मूसा कूसा से गहन पूछताछ की थी.

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