इतिहास के पन्नों से...चर्चिल का इस्तीफ़ा, ह्यूज़ का निधन

  • 5 अप्रैल 2011

चार अप्रैल का दिन इतिहास में कई वजहों से दर्ज है. चर्चिल का इस्तीफ़ा और अरबति हॉवर्ड ह्यूज की मौत इसी दिन हुई थी.

पाँच अप्रैल 1955 सर विंस्टन चर्चिल का इस्तीफ़ा

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Image caption सर विंस्टन चर्चिल अत्यंत प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में गिने जाते हैं.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर विंस्टन चर्चिल ने स्वास्थ्य कारणों से पांच अप्रैल के दिन ही इस्तीफ़ा दिया था.

बकिंघम पैलेस से इस बाबत घोषणा की गई थी जिसमें कहा गया था कि सर चर्चिल ने महारानी से मुलाक़ात की है और अपना इस्तीफ़ा सौंपा है जिसे महारानी ने स्वीकार कर लिया है.

चर्चिल के इस्तीफ़े के बाद रात में प्रधानमंत्री निवास पर एक भोज का आयोजन हुआ था जिसमें महारानी और ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग ने हिस्सा लिया था. इस भोज में कई पूर्व प्रधानमंत्री भी शामिल हुए थे.

सर चर्चिल ने अपना राजनीतिक करियर कंजरवेटिव पार्टी से शुरु किया था लेकिन बाद में वो लिबरल पार्टी में आए और 1940 में विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने.

पाँच अप्रैल 1976 अरबपति हॉवर्ड ह्यूज़ का निधन

अमरीका के सनकी माने जाने वाले अरबपति हॉवर्ड ह्यूज़ का सत्तर वर्ष की आयु में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया.

हॉवर्ड ह्यूज के पास अकूत संपदा थी और लोग उन्हें एक बड़े व्यवसायी, उड्डयन और सिनेमा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति लाने वाले के रुप में याद करते हैं.

हॉवर्ड ह्यूज़ ने अपने जीवन के आखिरी बीस साल बिल्कुल अलग थलग बिताए. कहा जाता है वो दुनिया के अलग अलग हिस्सों में रहे.उनकी जीवनचर्या को लेकर मीडिया में हमेशा कयास लगाए जाते रहे.

मात्र 17 वर्ष की उम्र में हॉवर्ड ने तेल की ड्रिलिंग का एक ऐसा उपकरण बना कर पेटेंट किया जिसका इस्तेमाल आज भी होता है.

पाँच अप्रैल 1986 बर्लिन डिस्को में धमाका

जर्मनी के बर्लिन शहर के डिस्को में पाँच अप्रैल के ही दिन एक ज़बर्दस्त धमाका हुआ था जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी और क़रीब 140 लोग घायल हुए थे.

मरने वाले तीनों व्यक्ति अमरीकी सैनिक थे. इस घटना के बाद अमरीका ने लीबिया पर बमबारी की थी जिसमें कर्नल मुअम्मार गद्दाफ़ी की दत्तक पुत्री की मौत हो गई थी.

आगे चलकर 1996 में तीन पुरुषों और एक महिला पर बर्लिन के डिस्को में बम रखने का आरोप लगा और मामला चला.

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