राष्ट्रपति के आवास पर 'कब्ज़ा'

  • 5 अप्रैल 2011
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Image caption आइवरी कोस्ट के आबिदजान में विद्रोहियों ने राष्ट्रपति परिसर पर नियंत्रण किया

आइवरी कोस्ट के शासक लारेंट बागबो के निवास स्थान पर कब्ज़े की रिपोर्टों के साथ ही मुख्य शहर आबिदजान में चल रहे संघर्ष ने अलग मोड़ ले लिया है.

देश के अंतरराष्ट्रीय रुप से मान्यता प्राप्त राष्ट्रपति अलासने उवात्रा के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने दिन भर चले ज़बर्दस्त संघर्ष के बाद बागबो के परिसर पर नियंत्रण कर लिया है.

उवात्रा के प्रवक्ता पैट्रिक आची ने बीबीसी को बताया कि अभी तक ये साफ़ नहीं है कि बागबो इस दौरान अपने परिसर में थे या नहीं.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र और फ्रांस के हेलीकॉप्टरों ने बागबो के परिसर के आस पास के कुछ ठिकानों पर बमबारी की थी.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान कि मून ने कहा था कि इन हमलों का आदेश आम लोगों की जान बचाने के लिए दिया गया था और इसका अर्थ ये न समझा जाए कि संयुक्त राष्ट्र ने बागबो के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ा है.

उन्होंने बताया बागबो की सेना ने आम लोगों पर मोर्टार, रॉकेट ग्रेनेट और मशीन गन से हमले तेज़ कर दिए थे जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र को कार्रवाई करनी पड़ी.

आबिदजान में पिछले पाँच दिन बड़ी संख्या में आम नागरिक फंसे हुए हैं. नवंबर महीने में देश में हुए चुनावों में उवात्रा की जीत हुई थी और इन परिणामों को संयुक्त राष्ट्र ने मान्यता भी दी थी. हालांकि इसके बावजूद तत्कालीन शासक बागबो ने सत्ता छोड़ने से इंकार कर दिया था और अब लोगों ने उनके ख़िलाफ विद्रोह का बिगुल बजा दिया है.

पिछले हफ्ते उवात्रा का समर्थन कर रहे विद्रोहियों ने ज़बर्दस्त आक्रमण करते हुए आबिदजान को घेर लिया था.

उवात्रा के प्रवक्ता आची का कहना है कि परिसर में बागबो की तलाश जारी है.

उनका कहना था, ‘‘लोगों ने बागबो को यहां देखा था लेकिन हम अभी भी उनकी तलाश कर रहे हैं.’’

आइवरी कोस्ट में बागबो समर्थकों ने इस ख़बर पर कुछ भी नहीं कहा है लेकिन लंदन में उनके एक सलाहकार का कहना है कि बागबो के परिसर पर विद्रोहियों के कब्ज़े की ख़बर में सच्चाई नहीं हो सकती.

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