चुप बैठी है नैटो सेना : विद्रोही कमांडर

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Image caption लीबिया में अभी भी गद्दाफी की सेनाओं और विद्रोहियों में संघर्ष चल रहा है.

लीबिया के विद्रोही कमांडर जनरल अब्दुल फत्ता युनूस ने नैटो पर आरोप लगाया है कि वो कर्नल गद्दाफ़ी की सेनाओं पर कार्रवाई नहीं कर रही है और गद्दाफ़ी की सेनाएं मिसराता में लोगों को मार रही है.

जनरल युनूस के अनुसार अगर नैटो ने हस्तक्षेप करने में एक हफ्ते की देरी की तो मिसराता में नरसंहार जैसी स्थिति बन सकती है.

युनूस ने बेनगाज़ी में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि गद्दाफ़ी की सेनाएं लगातार आम लोगों पर हमले कर रही हैं.

विद्रोहियों ने लीबिया के बेनगाज़ी शहर पर पूरा नियंत्रण कर लिया है और मंगलवार को तोबरूक शहर से तेल ले जाने के लिए एक जहाज़ भी वहां पहुंचा है.

दो महीने पहले कर्नल गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ विद्रोह शुरु होने के बाद लीबिया में तेल का उत्पादन ठप पड़ गया था और तेल की क़ीमतें बढ़ गई थीं.

जनरल युनूस का कहना था कि नैटो की सेनाएं संयुक्त राष्ट्र के समर्थन के बावजूद कुछ नहीं कर रही हैं और बहुत अधिक नौकरशाही की प्रक्रिया के कारण वो ज़मीन पर बदलते घटनाक्रम पर कोई प्रभाव नहीं छोड़ पा रही है.

जनरल युनूस पूर्व में कर्नल गद्दाफ़ी के गृह मंत्री रह चुके हैं लेकिन अब वो विद्रोहियों के साथ हैं. उनका कहना था कि नैटो चाहता तो अब तक मिसराता को चारों तरफ से घेर कर रखे गद्दाफ़ी के सैनिकों को हटा सकता था.

पश्चिमी लीबिया में मिसराता एकमात्र शहर है जिस पर विद्रोहियों का नियंत्रण है जबकि लीबिया में कई अन्य स्थानों पर भी विद्रोही ताकतवर स्थिति में हैं.

उधर नैटो का कहना है कि वो अपने हमलों में आम लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. जनरल युनूस के अनुसार जिन इलाक़ों में गद्दाफ़ी के सैनिक हैं वहां कोई आम नागरिक नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘‘ अगर नैटो ने एक हफ्ते इंतज़ार किया तो मिसराता शहर नहीं बचेगा. यहां कोई नहीं बचेगा.’’

नैटो के अनुसार हवाई हमलों में कर्नल गद्दाफ़ी का काफ़ी नुकसान हुआ है लेकिन अब गद्दाफ़ी समर्थक सेना ने अपने हथियार उन इलाक़ों में पहुंचा दिए हैं जहां आम लोग रहते हैं.

नैटो के स्टाफ अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल मार्क वान उह्म ने ब्रसल्स में कहा, ‘‘ आम लोगों का इस्तेमाल हथियार छुपाने या हमलों से बचने में किया जा रहा है. वो अपने तोप जैसे बड़े हथियार छुपा चुके हैं. हमने उन्हें बाध्य कर दिया है कि वो बड़े हथियार इस्तेमाल न कर पाएं.’’

पेंटागन ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने लीबिया में 1600 उड़ानें भरने के बाद अपना अभियान बंद कर दिया है और अब उनका मुख्य कार्य नैटो की सेनाओं को ईधन भरने और गुप्त जानकारियां देने तक सीमित रह गया है.

नैटो का कहना है कि मिसराता उनके लिए महत्वपूर्ण है और वो तलाशी अभियान के ज़रिए और अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं.

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