महिंद्रा सत्यम जुर्माना भरेगी

बी रामलिंगा राजू

भारत की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी सत्यम महिंद्रा ने अमरीका की सेक्यूरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन की ओर से लगाए गए एक करोड़ डॉलर के जुर्माने को भरने पर हामी भरी है.

कंपनी का कहना है कि वो शेएर होल्डरों के बेहतर हित में इस मामले का निबटारा कर रही है.

रामलिंगा राजू की कंपनी सत्यम कम्प्यूटर्स का घोटाला सामने आने के बाद से अमरीका की एसईसी में कंपनी पर केस चल रहा है.

अमरीकी मार्केट रेगुलेटर ने ये केस कंपनी के खातों में बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई आमदनी और कैश बैलेंस को लेकर किया था.

सत्यम कंपनी पर ये आरोप था कि उसने 2003 से लेकर 2007 के बीच अपने मुनाफ़े को एक अरब डॉलर तक बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया.

इसी वजह से अमरीकी मार्केट रेगुलेटर ने सत्यम के पूर्व ऑडिटर प्राईसवाटर कूपर पर 75 लाख डॉलर का जुर्माना भी लगाया है.

सत्यम घोटाला

सत्यम के ऑडिटर पर आरोप था कि उन्होंने कंपनी के खातों की न तो ठीक से पड़ताल की और न ही पुष्टि की जिसका नुकसान अमरीकी शेएर होल्डरों को उठाना पड़ा.

जिस वक़्त ये घोटाला उजागर हुआ था उस समय सत्यम कम्प्यूटर्स का कारोबार भारतीय स्टॉक एक्सचेंज के साथ साथ न्यूयार्क स्टॉक एक्सचेंज में भी होता था.

सत्यम कम्प्यूटर कंपनी 2007 में एक ज़बरदस्त संकट में घिर गई थी जब उसके संस्थापक बी रामलिंगा राजू ने कंपनी के खातों में बड़े पैमाने पर उलटफेर करने और घोटाला करने का ख़ुलासा किया था.

उसके बाद से बी रामलिंगा राजू और सत्यम के कई बड़े अधिकारी जांच एक घेरे में आने के साथ साथ जेल में हैं और मामला अदालत में है.

हालांकि मार्केट विश्लेषकों का मत है कि अमरीकी मार्केट रेगुलेटर का लगाया गया जुर्माना बहुत मामूली है और इतने बड़े घोटाले के बाद कंपनी अपर कमर तोड़ देने वाला जुर्माना लग सकता था.

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