नेटो ने लीबियाई विद्रोहियों से माफ़ी मांगी

लीबियाई विपक्ष का एक घायल लड़ाका. इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption लीबियाई विपक्ष का एक घायल लड़ाका.

लीबिया में विद्रोहियों के कमांडर ने कहा है कि विद्रोहियों पर ग़लती से हुए हमले के लिए माफ़ी मांगी है. विद्रोहियों के कमांडर जनरल अब्दुल फ़तह यूनिस ने कहा कि नेटो को इस बात की सूचना दे दी गई थी कि विद्रोही अपने टैंको को लड़ाई वाले इलाक़े की ओर ले जा रहे हैं, बावजूद इसके नेटो के सैनिकों ने उन पर हमला कर दिया.

विद्रोहियों का कहना है कि इसमें चार बाग़ी मारे गए थे जबकि स्थानीय डॉक्टरों ने बीबीसी को बताया कि इन हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं.

जनरल यूनिस ने कहा, ''हमलोग इसका जवाब चाहेंगे कि आख़िर क्या हुआ था. हमलोग इस संबंध में तर्कसंगत और विश्वसनीय जवाब चाहेंगे''.

उन्होंने एक तरह से नेटो को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए और भविष्य में बेहतर ताल मेल की उम्मीद जताई.

लेकिन उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कुछ स्थानीय लोगों में नाराज़गी के बावजूद नेटो सेना और विद्रोहियों के बीच कोई मतभेद नहीं हैं.

कर्नल गद्दाफ़ी की सेना से लीबियाई नागरिकों की हिफ़ाज़त के लिए अंतरराष्ट्रीय सेना की तैनाती के बाद ये ऐसी तीसरी घटना है जब गठबंधन सेना की कार्रवाई से विद्रोहियों का ही नुक़सान हुआ है.

विद्रोही अजदाबिया और बरेगा शहर के बीच टैंक, रॉकेट लॉंचर और बख़्तरबंद गाड़ियों को युद्द स्थल के समीप ले जा रहे थे तभी नेटो सेना ने उन पर हवाई हमले कर दिए. एक विद्रोही कमांडर ने कहा कि उन्होंने कम से कम चार मिसाइल हमले देखे थे.

विद्रोहियों में रोष

बीबीसी संवाददाता के अनुसार इस घटना से विद्रोहियों में काफ़ी रोष है.

वो पूछ रहे हैं कि आख़िर विद्रोहियों पर हमला कैसे हो गया जबकि उन्हें टैंक और दूसरे हथियारों के साथ युद्द स्थल की ओर जाते हुए बड़ी आसानी से देखा जा सकता था.

बेनग़ाज़ी के एक स्थानीय निवासी ने आश्चर्य जताते हुए कहा, '' ये यक़ीन करने की बात नहीं है.नेटो के पास तमाम उपकरण होने के बावजूद ये कैसे हो सकता है.ये सचमुच में एक ग़लती है या चोरी छुपे कुछ और योजना बनाई जा रही है''.

नेटो ने कहा है कि वो इस घटना की जांच कर रही है. नेटो के अनुसार जहां ये हादसा हुआ है वो इलाक़ा बहुत अस्थिर है और हथियार बंद गाड़ियां हर दिशा में आती जाती देखी जा सकती हैं.

नेटो का बयान

नेटो ने एक बयान जारी कर कहा कि नेटो सेना संयुक्त राष्ट्र के आदेश का पालन करता रहेगा और हमले करता रहेगा जिसमें लीबियाई नागरिक को नुक़सान पहुंचने की आशंका बनी रहेगी.

संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के तहत लीबिया में नागरिकों की जान बचाने के लिए अमरीका, फ़्रांस और ब्रिटेन की सेना के ज़रिए किए जा रहे हवाई हमलों की ज़िम्मेदारी पिछले हफ़्ते नेटो को सौंपी गई थी.

पिछले शुक्रवार को ब्रेगा और अजदाबिया के बीच विद्रोहियों के एक क़ाफ़िले पर गठबंधन सेना के ज़रिए किए गए हमले में 13 लोग मारे गए थे. मारे जाने वालों में तीन मेडिकल के छात्र थे.

संबंधित समाचार