'अन्नागिरी' में कॉरपोरेट जगत भी...

  • 8 अप्रैल 2011
अन्ना हज़ारे इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption अन्ना हज़ारे के समर्थन में कोरपोरेट जगट

भारत के नागरिक समाज, बॉलीवुड और युवाओं के बाद अब कॉरपोरेट जगत ने भी भ्रष्टाचार के विरुद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे की मुहीम को समर्थन देना शुरु कर दिया है.

बजाज ऑटो के अध्यक्ष राहुल बजाज का कहना था कि भूख हड़ताल पर चल रहे अन्ना हज़ारे को अगर कुछ हो जाता है तो ये देश के 1.2 अरब लोगों और सरकार के लिए शर्म की बात होगी.

उनका कहना था, “हम भ्रष्टाचार से तंग आ चुके है. हम चाहते हैं कि भ्रष्टाचार कम हो. कुछ तो करने की ज़रुरत है लेकिन ये संविधान के दायरे में होना चाहिए. ”

गोदरेज ग्रुप के अध्यक्ष आदि गोदरेज का कहना था कि उद्योग सड़को पर नहीं उतर सकता पर कॉरपोरेट भारत इस पहल का समर्थन तो कर ही सकता है.

छवि पर असर

उद्योग संगठन फ़िक्की के महानिदेशक राजीव कुमार ने कहा, “हम अन्ना हज़ारे का पूरी तरह समर्थन करते हैं. उनकी भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुहीम के हम साथ हैं क्योंकि इसकी वजह से भारत की छवि धूमिल हो रही है.

कुमार का कहना था कि भ्रष्टाचार और सुशासन जैसे मामलों के लिए ओम्बड्समैन या लोकपाल की ज़रुरत है. वहीं बायोकोन दवाई कंपनी की निदेशक किरण मजूमदार शॉ का कहना है, "मुझे इस बात की चिंता है कि देश में जो समावेशी विकास हो रहा है उसपर भ्रष्टाचार रुपी कैंसर का असर हो रहा है."

मारुती सुज़ुकी के चेयकमैन, आर सी भार्गव ने भी कहा है कि राजनीतिक व्यवस्था की सफाई की ज़रुरत है जिसमें चुनाव भी शामिल है.

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