इतिहास के पन्नों से

  • 12 अप्रैल 2011
Image caption पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गैगरीन

बारह अप्रैल, 1961 को सोवियत संघ ने अंतरिक्ष में पहला इंसान भेजने की दौड़ में अमरीका को पीछे छोड़ दिया. मेजर यूरी एलेक्सविच गैगरीन ने इसी दिन कज़ाकस्तान के बैकानूर अंतरिक्ष केंद्र से वोस्टॉक नामक अंतरिक्ष यान में उड़ान भरी थी.

उन्होंने 27,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पृथ्वी का 108 मिनट तक चक्कर लगाया और फिर एक अज्ञात जगह पर लैंडिंग की. सोवियत नेता निकीता ख्रुश्चेव ने गैगरीन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें मुबारक़बाद दी थी.

उस वक़्त मेजर गैगरीन की आयु 27 साल थी और दो साल के गहन प्रशिक्षण के बाद ही उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के लिए भेजा गया था. इस घटना के बाद गैगरीन राष्ट्रीय हीरो बन गए थे.

कंबोडिया में अमरीकी हार

Image caption कंबोडिया में अमरीका ने स्वीकार की हार

12 अप्रैल 1975 को अमरीका ने कंबोडिया में अपनी हार स्वीकार की थी और राजधानी नॉम पेन्ह से अपने बचे हुए दूतावास कर्मचारियों को हटा लिया था. इससे पहले यहां के एक फुटबाल मैदान से 30 हेलिकॉप्टरों की मदद से 276 लोगों को निकाला गया जिनमें 159 घायल कंबोडियाई भी थे जिन्होंने अमरीकियों के साथ काम किया था. इसके साथ ही कंबोडिया के गृह युद्ध में पांच साल तक हस्तक्षेप करने के बाद अमरीका अंतिम रूप से लड़ाई से अलग हो गया था.

अमरीका में शुरू हुआ गृह युद्ध

Image caption अमरीका में छिड़ा गृह युद्ध

12 अप्रैल 1861 को ही अमरीका का गृह युद्ध शुरू हुआ था जब दक्षिण के ग्यारह राज्यों ने जैफ़रसन डेविस के नेतृत्व में अमरीका से अलग परिसंघ बनाने की घोषणा के साथ आज़ादी की लड़ाई छेड़ दी थी. दक्षिण के राज्य उत्तरी औद्योगिकृत राज्यों के मुक़ाबले काफ़ी पिछड़े थे और लंबे समय से दास प्रथा को ख़त्म करने की मांग कर रहे थे. चार साल के भीषण संघर्ष के बाद परिसंघ की हार के साथ इस लड़ाई का अंत हुआ था हालांकि दास प्रथा को पूरे देश में ग़ैर-क़ानूनी घोषित कर दिया गया था.

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