'ब्रिक्स बढ़ेगा तेज़ रफ़्तार'

ब्रिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष
Image caption ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष 13 और 14 अप्रैल को चीन में मिल रहे हैं.

एक चीनी थिंक टैंक की रिपोर्ट के अनुसार ब्राज़ील, रुस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका के समूह 'ब्रिक्स' की अर्थव्यवस्था वर्ष 2015 तक अमरीका से अधिक हो जाएगी.

रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2015 तक दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद यानि जीडीपी में एक तिहाई बढ़ोतरी इन्हीं देशों से आएगी.

ये रिपोर्ट 13 और 14 अप्रैल को चीन में हो रही 'ब्रिक्स' देशों की बैठक से पहले आई है.

अब तक इन देशों के इस समूह को ब्रिक कहा जाता था लेकिन इस बर्ष दक्षिण अफ़्रीका के इस समूह में शामिल होने के बाद इन्हें 'ब्रिक्स'कहा जा रहा है.

'सोशल साइंसेज़ एकेडमिक प्रेस ऑफ़ चाइना' की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले चार साल के भीतर दुनिया की कुल अर्थव्यवस्था का 22 प्रतिशत हिस्सा 'ब्रिक' देशों से आएगा.

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन समेत 'ब्रिक्स' देशों के राष्ट्राध्यक्ष चीन में होने वाली बैठक में भाग ले रहे हैं.

चीनी संस्थान की रिपोर्ट कहती है कि विकसित देशों में अच्छी विकास दर के कारण आने वाले 15 सालों में ब्रिक्स देशों में काफ़ी तेज़ रफ़्तार से विकास दर में बढ़ोतरी होगी.

रिपोर्ट के संपादक लिन यूएक़िन ने लिखा है कि अध्ययन का लक्ष्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के रुझानों को सामने लाना है.

'विश्व अर्थव्यस्था में बड़ा योगदान'

उधर ब्रिक्स की बैठक में हिस्सा लेने आ रहीं ब्राज़ील की राष्ट्रपति डिल्मा रुसेफ़ ने कहा है कि उभरते देशों का ये समूह आने वाले समय में विश्व अर्थव्यवस्था में और अधिक योगदान देगा.

चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ को दिए एक इंटरव्यू में डिल्मा रुसेफ़ ने कहा कि दुनिया अब आठ देशों का समूह जी8 नहीं बल्कि 20 देशों का समूह जी20 है.

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